JDA की कार्यशैली पर सवाल — 18 महीने बाद भी अवैध निर्माण पर नहीं हुई कार्रवाई
जयपुर, सिटी न्यूज़ 24
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है।
सुमेर नगर थर्ड , मानसरोवर क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर जेडीए ज़ोन साउथ-II के प्रवर्तन अधिकारी द्वारा दिनांक 09 मार्च 2024 को नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस में साफ तौर पर लिखा गया था कि अवैध निर्माण तुरंत हटाया जाए, अन्यथा JDA खुद कार्रवाई करेगा।
लेकिन हैरानी की बात है कि पूरे 18 महीने बीत जाने के बाद भी न तो निर्माण हटाया गया और न ही JDA ने कोई कदम उठाया।
✦ छोटे लोगों पर सख्ती, बिल्डरों पर नरमी?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि JDA की कार्रवाई केवल गरीबों और आम लोगों तक सीमित है। टीन शेड या छोटी-छोटी दुकानों पर तुरंत बुलडोजर चला दिया जाता है, लेकिन बड़े बिल्डरों और प्रभावशाली लोगों के अवैध निर्माण पर JDA महीनों तक चुप रहता है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि –
• आखिर 18 महीने बाद भी बिल्डर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
• क्या JDA केवल औपचारिकता के लिए नोटिस जारी करता है?
• क्या बिल्डरों पर JDA की सख्ती बेअसर है?
✦ पारदर्शिता पर उठे सवाल
यह मामला JDA की कार्यशैली और पारदर्शिता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नोटिस पर ज़ोन साउथ-II के प्रवर्तन अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर मौजूद हैं, लेकिन उसके बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी को दर्शाता है।
लोग अब खुलकर पूछ रहे हैं — क्या JDA सिर्फ टीन शेड हटाने तक ही सीमित है?








