श्रावस्ती में निकला 28वां 'यादगारे इमामे हुसैन' जुलूस:जंजीर का मातम कर इमाम हुसैन और 72 शहीदों को दी श्रद्धांजलि.. .
24 Jul 2026

श्रावस्ती में निकला 28वां 'यादगारे इमामे हुसैन' जुलूस:जंजीर का मातम कर इमाम हुसैन और 72 शहीदों को दी श्रद्धांजलि..
.

श्रावस्ती जिले के दामूपुरवा गांव में गुरुवार शाम चार बजे के बाद 'यादगारे इमामे हुसैन' आयोजन के दूसरे दिन 28वां पारंपरिक जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। 'या हुसैन' की सदाओं और नौहाख्वानी के बीच मातमदारों ने जंजीर का मातम कर करबला के शहीद हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया।जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग से निकला, जिसमें स्थानीय लोगों और युवाओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। मातमदारों ने सीना-ज़नी और जंजीर के मातम के जरिए हजरत इमाम हुसैन के सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे मार्ग पर श्रद्धा और गम का माहौल बना रहा।

शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआआयोजकों के अनुसार, दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के तहत निकला यह मुख्य जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए रात करीब नौ से दस बजे के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।शहादत का संदेश देता है मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है। इसे उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि करबला में हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत की याद में गम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। उनकी कुर्बानी आज भी सत्य, न्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने का संदेश देती है।

Advertisement
Advertisement