खिवनी अभयारण्य के घायल बाघ 'युवराज' का वन विहार में इलाज जारी, दोनों अगले पंजों में फ्रैक्चर आपसी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हुआ था बाघ, विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा उपचार
03 Jul 2026

खिवनी अभयारण्य के घायल बाघ 'युवराज' का वन विहार में इलाज जारी, दोनों अगले पंजों में फ्रैक्चर
भोपाल/देवास। देवास जिले के खिवनी अभयारण्य में आपसी संघर्ष के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए नर बाघ 'युवराज' का वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल के रेस्क्यू सेंटर में गहन उपचार किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रारंभिक जांच में बाघ के आगे के दोनों पंजों में फ्रैक्चर और शरीर पर कई गंभीर घाव मिलने के बाद उसका विशेष उपचार शुरू किया गया है। वन विभाग के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बाघ 'युवराज' को 27 जून 2026 को खिवनी अभयारण्य से रेस्क्यू कर वन विहार लाया गया था। शुक्रवार को राज्य पशु चिकित्सालय, जहांगीराबाद के वरिष्ठ वेटरिनरी सर्जन डॉ. एस.के. तुमड़िया, वन विहार के वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल गुप्ता तथा पशु चिकित्सक डॉ. विनीत ने उसका विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि बाघ के आगे के दोनों पैर तथा पिछले बाएं पैर में गहरे घाव हैं। एक्स-रे रिपोर्ट में आगे के दोनों पंजों में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। वहीं पिछले बाएं पैर के गहरे घाव पर छह टांके लगाए गए हैं। चिकित्सकों के अनुसार बाघ को आवश्यक दवाएं, दर्द निवारक उपचार और विशेष देखभाल दी जा रही है। उसकी गतिविधियों, भोजन और स्वास्थ्य संबंधी सभी पहलुओं की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विहार के वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल गुप्ता की देखरेख में उपचार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बाघ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्वास्थ्य में सुधार के अनुसार आगे की उपचार प्रक्रिया तय की जाएगी। शुक्रवार को हुए निरीक्षण के दौरान वन विहार के संचालक विजय कुमार, सहायक संचालक डॉ. रूही हक तथा सफारी प्रभारी श्रीमती सीता काकोड़िया भी मौजूद रहीं।
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