दो परिवारों की रंजिश ने छीना: एक 7 महीने के मासूम बच्चे के सर से बाप का साया,दो आरोपी गिरफ्तार
30 Jun 2026

हरदोई की यह कहानी सिर्फ हत्या नहीं,रिश्तों के टूटने का खौफनाक अंजाम है... सात महीने का एक मासूम अभी ठीक से "पापा" बोलना भी नहीं सीख पाया था। उसे क्या पता कि जिस पिता की उंगली पकड़कर उसे चलना था, जिसकी गोद में बैठकर उसे दुनिया देखनी थी, वह अब कभी लौटकर नहीं आएगा। उत्तर प्रदेश के हरदोई में प्रेम विवाह की रंजिश ने एक परिवार को ऐसी चोट दी जिसकी टीस शायद जिंदगीभर नहीं मिटेगी।इस मामले में पुलिस ने उस मासूम के नाना रामगोपाल और नाना के भाई श्यामा कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।आरोप है कि दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक की इतनी बेरहमी से पिटाई की कि उसकी जान चली गई। यह कहानी हरदोई के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के बदरुद्दीनपुर गांव की है। यहां रहने वाले 28 वर्षीय विवेक कुमार ने मई 2024 में पूनम से प्रेम विवाह किया था। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं, लेकिन यह रिश्ता कुछ लोगों को मंजूर नहीं था। परिवारों की नाराजगी इतनी गहरी थी कि शादी के बाद दंपति को गांव छोड़कर हरियाणा में रहना पड़ा। वक्त बीतता गया, दोनों एक बेटे के माता-पिता भी बने। शायद उन्हें लगा होगा कि अब रिश्तों की कड़वाहट खत्म हो गई होगी।लेकिन गांव वापसी के साथ ही पुरानी दुश्मनी फिर सामने आ गई। आरोप है कि 23 जून की शाम पूनम के मायके पक्ष के लोग विवेक के घर पहुंचे। कहासुनी शुरू हुई और फिर माहौल हिंसा में बदल गया। पूनम का आरोप है कि उसके पिता, चाचा और अन्य लोगों ने उसके सामने ही विवेक को लाठी-डंडों से घेर लिया। वार पर वार होते रहे और वह मदद की गुहार लगाती रही। जब तक लोग कुछ समझ पाते, विवेक गंभीर रूप से घायल हो चुका था।अस्पताल पहुंचने के बाद भी उसकी जिंदगी नहीं बच सकी।एक पत्नी की आंखों के सामने उसका संसार उजड़ गया। इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दर्दनाक चेहरा वह सात महीने का बच्चा है, जो अभी यह भी नहीं जानता कि उसके जीवन में क्या बदल गया है। उसने अपने पिता को खो दिया, जबकि उसकी मां ने अपना जीवनसाथी।जिस परिवार ने बेटी की परवरिश की अब वही परिवार उसके पति की हत्या के आरोपों में घिरा खड़ा है।प्रेम विवाह से शुरू हुई नाराजगी आखिरकार शमशान तक पहुंच गई। मृतक की मां विमला देवी की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ हत्या और एससी/एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रामगोपाल और श्यामा कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो बांस के डंडे भी बरामद हुए हैं। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि रिश्तों के उस टूटन का है जहां प्रेम विवाह की नाराजगी कथित तौर पर खून-खराबे तक पहुंच गई। जिस बेटी ने अपने परिवार के खिलाफ जाकर जीवनसाथी चुना था, उसी बेटी की आंखों के सामने उसका संसार बिखर गया। अब इस पूरे मामले में कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल वही है—क्या किसी रिश्ते की नाराजगी इतनी बड़ी हो सकती है कि एक सात महीने के बच्चे से उसके पिता का साया छीन लिया जाए? फिलहाल हरदोई पुलिस की कार्रवाई जारी है। लेकिन इस घटना ने प्रेम विवाह, पारिवारिक सम्मान और रिश्तों की कीमत को लेकर एक ऐसी बहस छेड़ दी है, जो इस एक गांव तक सीमित नहीं है। क्योंकि इस कहानी के केंद्र में सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि एक मासूम का छिन गया बचपन है।
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