29 जून से 3 जुलाई तक घर-घर जाकर पिलाई जाएगी 'जिंदगी की दो बूंद' पोलियो की खुराक,
28 Jun 2026

29 जून से 3 जुलाई तक घर-घर जाकर पिलाई जाएगी 'जिंदगी की दो बूंद' पोलियो की खुराक,
29 जून से 3 जुलाई तक घर-घर जाकर पिलाई जाएगी 'जिंदगी की दो बूंद' पोलियो की खुराक, 28 जून रविवार भदोही। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के विशेष बूथ दिवस के अवसर पर रविवार को महाराजा चेतसिंह चिकित्सालय, ज्ञानपुर में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो की 'दो बूंद जिंदगी की' पिलाकर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर एवं दिव्यांगता उत्पन्न करने वाली बीमारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों एवं अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि 0 से 5 वर्ष आयु का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को पोलियो की प्रत्येक खुराक अवश्य पिलाने तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूरा सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2014 से पोलियो मुक्त है और इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक अभियान में शत-प्रतिशत बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में इस अभियान के तहत लगभग 2.82 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विशेष बूथ दिवस पर जनपद के 618 पोलियो बूथों पर 1,50,252 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। अभियान के सफल संचालन हेतु पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों एवं 450 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है, जो पूरे अभियान की सतत निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथों तक नहीं पहुंच सके। इसके अतिरिक्त 6 जुलाई 2026 को विशेष बी-टीम अभियान चलाया जाएगा, ताकि जनपद का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पोलियो उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का जनआंदोलन है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, आशा बहुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आमजन के सहयोग से ही इस अभियान को पूर्ण सफलता मिल सकती है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई भी 0 से 5 वर्ष आयु का बच्चा पोलियो की दवा पीने से छूट गया हो तो इसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग की टीम को दें तथा घर-घर पहुंचने वाली टीमों का सहयोग करें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
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