नागदा में अकीदत और अज़मत के साथ निकला मोहर्रम के ताजियों का ऐतिहासिक चल समारोह, बारिश भी नहीं डिगा सकी अकीदतमंदों के कदम
27 Jun 2026
Reporter--Mohammad Arif
नागदा। मोहर्रम की 11वीं तारीख पर नागदा शहर में हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के शहीदों की याद में ताजियों का भव्य एवं पारंपरिक चल समारोह पूरी अकीदत, अनुशासन और गमगीन माहौल में निकाला गया। शहर के विभिन्न मोहल्लों से ताजिए निर्धारित समय पर रवाना हुए और बड़ी संख्या में अकीदतमंद इस जुलूस में शामिल हुए।
चल समारोह जन्मेजय मार्ग, जामा मस्जिद रोड, चंबल मार्ग, हुसैनी इमामबाड़ा, किलकीपुरा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ कर्बला शरीफ पहुंचा, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को ठंडा करने की रस्म अदायगी की गई पूरे मार्ग पर या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं और माहौल गम व अकीदत से सराबोर रहा।
जुलूस के दौरान डीजे और बैंड पर कर्बला की शहादत को बयान करते हुए मर्सिये और नौहे पढ़े गए। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया तथा शर्बत और पेयजल की व्यवस्था भी की गई।
दिनभर मौसम साफ रहने से जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ता रहा, लेकिन शाम होते-होते अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। इसके बावजूद अकीदतमंदों के जज़्बे में कोई कमी नहीं आई। बारिश की परवाह किए बिना लोग पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जुलूस में शामिल रहे और कर्बला शरीफ तक ताजियों के साथ पहुंचे। बारिश में भी मातम और मर्सिये का सिलसिला जारी रहा, जिसने कर्बला की कुर्बानी के प्रति लोगों की गहरी आस्था और मोहब्बत को दर्शाया।
चल समारोह के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए। प्रशासन और मोहर्रम कमेटियों के आपसी समन्वय से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
मोहर्रम का यह जुलूस नागदा की गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द का भी प्रतीक बना, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपनी सहभागिता निभाते हुए कर्बला के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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