मुफ्त सोयाबीन बीज पर डाका? कन्नौद में किसानों से वसूले जा रहे ₹1650, गरीब किसान लाइन में परेशान, बिना बिल हो रही वसूली के आरोप
25 Jun 2026

मुफ्त सोयाबीन बीज पर डाका? कन्नौद में किसानों से वसूले जा रहे ₹1650, गरीब किसान लाइन में परेशान, बिना बिल हो रही वसूली के आरोप
देवास / कन्नौद: संवाददाता देवास खबर देवास जिले के कन्नौद से है किसानों के हित में चलाई जा रही मध्य प्रदेश सरकार की नि:शुल्क सोयाबीन बीज वितरण योजना पर कन्नौद में सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का आरोप है कि जिस सोयाबीन बीज को सरकार द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाना है, उसी के लिए उनसे 30 किलो के एक बैग पर ₹1650 तक वसूले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि राशि लेने के बावजूद किसानों को किसी प्रकार की रसीद या बिल नहीं दिया जा रहा। किसानों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वे अपने हिस्से का बीज पाने के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद भी कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। आरोप है कि गोदाम समय से पहले बंद कर दिए जाते हैं और शाम के बाद निजी वाहनों के जरिए कुछ चुनिंदा लोगों को एक साथ बीज का वितरण किया जाता है, जबकि गरीब और जरूरतमंद किसान सिर्फ आश्वासन लेकर वापस लौट रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में ग्राम सेवकों द्वारा योजना का न तो प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और न ही पात्र किसानों को इसकी सही जानकारी दी जा रही है। नतीजा यह है कि जिन किसानों के लिए सरकार ने राहत की योजना बनाई, वही किसान आर्थिक बोझ और अव्यवस्था का शिकार हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सरकार द्वारा बीज नि:शुल्क दिया जा रहा है, तो फिर किसानों से ₹1650 किस मद में लिए जा रहे हैं? और यदि राशि ली जा रही है तो उसकी रसीद क्यों नहीं दी जा रही? आखिर यह पैसा किसकी जेब में जा रहा है? इस मामले में जब ग्राम सेवक से चर्चा की गई तो उन्होंने कथित तौर पर कहा, 30 किलो का एक बैग ₹1650 में दिया जा रहा है। सभी ग्राम सेवक पैसे ले रहे हैं, इसलिए मैं भी ले रहा हूं। अधिकारियों ने कहा है, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। यदि किसानों के आरोप और ग्राम सेवक का कथन सही है, तो यह न केवल सरकारी योजना की मंशा पर पानी फेरने वाला मामला है, बल्कि किसानों के नाम पर चल रही योजनाओं में भ्रष्टाचार और मनमानी का गंभीर उदाहरण भी माना जाएगा। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और कृषि विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर किसानों को न्याय दिलाएंगे या फिर गरीब किसानों का पैसा अधिकारी मिल बाट के खा रहे है..? दिनभर लाइन में खड़े रहे किसान, शाम को निजी गाड़ियों से पसंदीदा लोगों को बीज वितरण करने के आरोप; ग्राम सेवक बोले- 'सब ले रहे हैं, मैं भी ले रहा हूं' (गोपेश पाठक- उप संचालक कृषि विभाग देवास ) इस मामले में जब उप संचालक कृषि विभाग देवास श्री गोपेश पाठक से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि, यदि सरकारी योजना के तहत मिलने वाला नि:शुल्क सोयाबीन बीज किसानों को ₹1650 में दिया जा रहा है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। योजना के अंतर्गत बीज नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है। यदि किसी किसान से राशि ली गई है, तो यह गलत है। मैं इस संबंध में जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों से बात करता हूं।"
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