नागदा जंक्शन में तीनों शहीदों का 43वां उर्स मुबारक श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया जाएगा
23 Jun 2026

नागदा जंक्शन में तीनों शहीदों का 43वां उर्स मुबारक श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया जाएगा
नागदा जंक्शन स्थित मस्जिद-ए-शहीदां के तीनों शहीद हज़रत सूफी शहीद बरकत हुसैन मजाकी रहमतुल्लाह अलैह, शहीद अब्दुल खालिक रहमतुल्लाह अलैह एवं शहीद मख्दूम हुसैन रहमतुल्लाह अलैह का 43वां उर्स मुबारक इस वर्ष भी पूरे धार्मिक उत्साह, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। गौरतलब है कि 5 अक्टूबर 1984 ईस्वी (9 मोहर्रम 1405 हिजरी) को बिरला ग्राम स्थित मस्जिद-ए-शहीदां में तीनों बुजुर्गों को शहीद कर दिया गया था। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। तभी से उनकी याद में हर वर्ष उर्स मुबारक का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होकर शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश करते हैं। आशिकाने शोहदाए किराम कमेटी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 9 मोहर्रम को नमाज़-ए-जुहर के बाद मस्जिद-ए-शहीदां में कुरआनख्वानी और तकरीर का आयोजन होगा। इसके पश्चात नमाज़-ए-इशा के बाद मस्जिद गौसिया में विशेष तकरीर का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं 10 मोहर्रम (आशूरा) को नमाज़-ए-जुमा के बाद पुराने कब्रिस्तान में कुरआनख्वानी, नात-ओ-मनकबत, तकरीर और अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे। इसके साथ ही तीनों शहीदों के मज़ारों पर संदल और चादर पेश की जाएगी तथा मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की जाएगी। दुआ के बाद उर्स का इख्तिताम होगा। आयोजन समिति ने तमाम अकीदतमंदों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शहीदों की याद में आयोजित इस मुबारक कार्यक्रम को कामयाब बनाएं और सवाब-ए-दारेन हासिल करें। यह उर्स न केवल शहीदों की कुर्बानियों को याद करने का अवसर है, बल्कि इंसानियत, अमन और भाईचारे के पैगाम को आगे बढ़ाने का भी माध्यम है।
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