मुख्य गेट पर अंकित हुआ ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय’, इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ महाविद्यालय का गौरवशाली सफर
19 Jun 2026

मुख्य गेट पर अंकित हुआ ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय’, इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ महाविद्यालय का गौरवशाली सफर
मुख्य गेट पर अंकित हुआ ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय’, इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ महाविद्यालय का गौरवशाली सफर ज्ञानपुर स्थित काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा अब इतिहास का हिस्सा बन गई है। वर्ष 1951 में तत्कालीन मुख्यमंत्री पं. गोविंद वल्लभ पंत, शिक्षामंत्री डॉ. संपूर्णानंद और काशी नरेश महाराज डॉ. विभूति नारायण सिंह की दूरदर्शिता से स्थापित इस संस्थान ने लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा का प्रकाश दिया। वर्षों के संघर्ष और लंबे इंतजार के बाद अब इस संस्थान को "काशी नरेश विश्वविद्यालय" के रूप में नई पहचान मिल गई है। मुख्य द्वार पर विश्वविद्यालय का नाम अंकित होते ही एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से काशी नरेश विश्वविद्यालय तक का सफर, सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की शैक्षिक उन्नति का प्रतीक
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