शुद्ध पेयजल को लेकर जनता में जन आक्रोश जारी
26 May 2026

शुद्ध पेयजल को लेकर जनता में जन आक्रोश जारी
नागदा में शुद्ध पेयजल को लेकर जनआक्रोश तेज नगर पालिका परिषद गेट पर लगातार दसवें दिन भी जारी रहा सांकेतिक धरना नागदा। शहर में लगातार दूषित और अस्वच्छ पेयजल की समस्या को लेकर अब लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद आसिफ अली एवं वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार राठौड़ के नेतृत्व में नगर पालिका परिषद के मुख्य गेट पर शुद्ध पेयजल की मांग को लेकर दिया जा रहा सांकेतिक धरना सोमवार को दसवें दिन भी जारी रहा। धरने में बड़ी संख्या में वार्डवासी और स्थानीय नागरिक शामिल होकर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वार्डों में गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का डर लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। धरने का नेतृत्व कर रहे पार्षद आसिफ अली ने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि लोगों को साफ पानी तक नहीं मिल पा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। वहीं पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार राठौड़ ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीति के लिए नहीं बल्कि आम जनता के अधिकारों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा तथा नगर पालिका के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। धरनास्थल पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि दस दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर समस्या जानने की कोशिश तक नहीं की। इससे साफ जाहिर होता है कि जनता की परेशानियों को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर में दूषित पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन समाधान के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पानी की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।