जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में डीएम ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
25 May 2026
रिपोर्टर--मुकेश कुमार यादव
जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में डीएम ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
जल जीवन मिशन की सुस्त प्रगति पर डीएम सख्त, खराब आईजीआरएस स्थिति पर एजेंसियों को कड़ी फटकार
पेयजल परियोजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम शैलेष कुमार ने कार्यदायी संस्थाओं को लगाई कड़ी फटकार
भदोही, 25 मई 2026:–जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित पेयजल परियोजनाओं की प्रगति, जलापूर्ति व्यवस्था, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियंता जल निगम ने अवगत कराया कि जनपद में कुल 399 पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था वेलस्पन एवं मेसर्स जी.ए. इंफ्रा द्वारा कराया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुल 399 परियोजनाओं के सापेक्ष 222 परियोजनाओं से 452 राजस्व ग्रामों में जलापूर्ति प्रारंभ कर दी गई है, जबकि शेष परियोजनाओं पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।
जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि आमजन को समय से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी योजना है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों एवं उनके निस्तारण की भी समीक्षा की गई। एजेंसी वेलस्पन एवं मेसर्स जी.ए. इंफ्रा की खराब आईजीआरएस स्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध शासन को पत्र प्रेषित किया जाए तथा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को सुनिश्चित कराया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं के संचालन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने, निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग बढ़ाने तथा ग्राम स्तर पर पेयजल आपूर्ति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, संबंधित विभागीय अधिकारी, जल निगम के अभियंता एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








