गाडरवारा। कौरव सेवा समिति द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला प्रतिभा सम्मान समारोह इस वर्ष भी भव्यता एवं उत्साह के साथ रविवार को गाडरवारा स्थित रॉयल पैलेस में संपन्न हुआ। समारोह में कौरव समाज की 130 प्रतिभाओं का स्मृति चिन्ह, भीष्म पितामह का चित्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया।
सम्मानित प्रतिभाओं में मध्यप्रदेश एवं सेंट्रल बोर्ड परीक्षा 2026 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले छात्र-छात्राएं, वर्ष 2025-26 में शासकीय सेवा प्राप्त करने वाले युवा, नवोदय विद्यालय में चयनित विद्यार्थी तथा नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा शामिल रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भीष्म पितामह के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन के साथ किया गया। समारोह में उपस्थित अतिथियों का स्वागत समिति सदस्यों द्वारा शॉल, श्रीफल, डायरी, पेन एवं माल्यार्पण कर किया गया।
इस अवसर पर पूर्व जनपद अध्यक्ष मुकेश मरैया ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित करने की यह पहल अत्यंत प्रेरणादायक एवं सराहनीय है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
वहीं सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य प्रहलाद सिंह कौरव एवं राजेंद्र कौरव ने कहा कि कौरव सेवा समिति लगातार सामाजिक हित में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। रमाकांत कौरव, महेंद्र कौरव एवं प्रवीण कौरव ने समाज की प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें आगे बढ़ाने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन हेमंत कौरव ने किया। समारोह में छात्र-छात्राएं अपने परिजनों सहित बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, वहीं दूरदराज क्षेत्रों से भी समाजबंधुओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
समिति की ओर से बताया गया कि इस वर्ष आयोजित 22वें कौरव सामूहिक विवाह सम्मेलन को पूर्ण व्यवस्थित एवं संतुलित व्यय के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराने में कौरव सेवा समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी समाजभर में सराहना की गई।
इस अवसर पर यशवंत कौरव, अनिल कौरव, सतीश कौरव, सौरभ कौरव, अरविंद ममार, गिरीश पटैल, गजेंद्र कौरव, राजेश पटैल, संजय कौरव, सालकराम कौरव, दीपक बड़कुर, लाल साहब कौरव, उमेश कौरव, मनीष ममार, पवन कौरव, प्रदीप कौरव, अमित पटैल, समीर कौरव, भानु प्रताप कौरव, ब्रजेश कौरव, हजारी कौरव, दिलीप कौरव, आनंद कौरव, सत्यम तिहैया, रंजीत कौरव सहित समिति के समस्त सदस्य उपस्थित रहे।








