44 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद शिक्षक श्री हुकम चंद विश्वकर्मा जी सेवानिवृत्त, भावभीनी विदाई दी गई
14 May 2026

44 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद शिक्षक श्री हुकम चंद विश्वकर्मा जी सेवानिवृत्त, भावभीनी विदाई दी गई

विद्यालय परिवार में उस समय भावुक माहौल बन गया जब वरिष्ठ शिक्षक श्री हुकम चंद विश्वकर्मा जी को उनकी 44 वर्षों की उत्कृष्ट एवं समर्पित शैक्षणिक सेवा के उपलक्ष्य में सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।

श्री विश्वकर्मा जी ने सरकारी विद्यालय में शिक्षक के रूप में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार और जीवन मूल्यों का मार्गदर्शन दिया। उनकी कार्यशैली सदैव अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण रही। वे विद्यार्थियों के प्रिय शिक्षक होने के साथ-साथ सहकर्मियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बने रहे।

30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए श्री विश्वकर्मा जी के सम्मान में 4 मई 2026 को विद्यालय परिसर में भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका समर्पण और शिक्षा के प्रति लगन सदैव याद रखी जाएगी।

इस अवसर पर श्री विश्वकर्मा जी को शॉल-श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं पुष्पहार भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान कई क्षण भावुक कर देने वाले रहे, जहां विद्यार्थियों और सहकर्मियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं स्नेह व्यक्त किया।

अपने उद्बोधन में श्री हुकम चंद विश्वकर्मा जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा सेवा उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय रहा है और विद्यार्थियों का स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।

समारोह के अंत में सभी ने उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज और नई पीढ़ी के मार्गदर्शन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

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