ग्वालियर महाराज वाड़ा भगवान श्री परशुराम विराट चल समारोह'2026 भव्य आयोजन किया गया है
11 May 2026
Reporter-Vinod Kumar Rajput
ग्वालियर में महाराज बाड़ा का वह दृश्य वाकई अद्भुत रहा है भगवान श्री परशुराम विराट चल समारोह 2026 के अवसर पर जिस तरह संतों और साधुओं का जमावड़ा हुआ, उसने ग्वालियर की इस ऐतिहासिक धरोहर को सचमुच 'संतों की नगरी' में बदल दिया।
महाराज बाड़ा, जो अपनी सात अलग-अलग वास्तुशिल्प शैलियों के लिए जाना जाता है, जब ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों का केंद्र बनता है, तो उसकी भव्यता और भी बढ़ जाती है।
साधु-संतों का सानिध्य: बाड़ा पर जब विभिन्न अखाड़ों और मठों के संत जुटते हैं, तो वह न केवल एक जुलूस होता है बल्कि धर्म और संस्कृति का जीवंत संगम बन जाता है।ग्वालियर हमेशा से अपनी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध रहा है, और इस तरह के 'विराट चल समारोह' शहर की धार्मिक एकजुटता को दर्शाते हैं।
"अग्रतः चतुरो वेदाः पृष्ठतः सशरं धनुः ।
इदं ब्राह्मं इदं क्षात्रं शापादपि शरादपि ॥"
(अर्थात: जिनके आगे चारों वेद हैं और पीछे धनुष-बाण, यानी जो ज्ञान और शक्ति दोनों के पुंज हैं, ऐसे भगवान परशुराम को नमन।)
विशाल 'विराट चल समारोह' के सफल आयोजन में ग्वालियर पुलिस और जिला प्रशासन की भूमिका वाकई काबिले तारीफ है








