उज्जैन की बेटी काशी के लिए फिर आगे आया मुस्लिम समाज
09 May 2026

उज्जैन की बेटी काशी के लिए फिर आगे आया मुस्लिम समाज
नागदा। उज्जैन की 4.5 माह की मासूम बच्ची काशी दुबे पुरिया के इलाज के लिए नागदा के मुस्लिम समाज ने एक बार फिर इंसानियत और भाईचारे की मिसाल पेश की। जुम्मे (शुक्रवार) की विशेष नमाज के बाद समाजजनों ने मस्जिदों में दुआ के साथ झोली फैलाकर मदद राशि एकत्रित की। इस अभियान में मुस्लिम समाज ने 50 हजार रुपए की राशि जुटाकर बच्ची के परिजनों को इलाज के लिए प्रदान की। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम रंजना पाटीदार को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि काशी के इलाज हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष से अधिक से अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश की बड़ी औद्योगिक कंपनियों के सीएसआर फंड (CSR Fund) से भी काशी की मदद के लिए अधिक से अधिक राशि दिलाई जाए, ताकि इस मासूम की जान बचाई जा सके। समाजजनों ने बताया कि काशी एसएमए (SMA) टाइप-1 नामक गंभीर और जानलेवा बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी के इलाज के लिए Zolgensma नामक विशेष इंजेक्शन की आवश्यकता है, जिसकी कीमत लगभग 15 करोड़ रुपए है। समाज ने केंद्र सरकार से इस इंजेक्शन पर लगने वाले लगभग 3.5 करोड़ रुपए के आयात शुल्क को माफ करने की मांग भी की, ताकि इलाज की लागत कम हो सके और परिवार पर आर्थिक बोझ घटे। मुस्लिम समाज द्वारा विधायक एवं सांसद को भी ज्ञापन भेजा गया, ताकि वे अपने स्तर पर शासन-प्रशासन से संपर्क कर काशी के इलाज के लिए शीघ्र सहायता दिला सकें। समाज ने यह भी अपील की कि सभी जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठन आगे आकर काशी की मदद करें, क्योंकि किसी भी सामान्य परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना अत्यंत कठिन है। इसी क्रम में समाज ने एमएलपी (MLP) फाउंडेशन के बारकोड के माध्यम से अधिक से अधिक सहयोग करने का अनुरोध किया, जिसमें से 21 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। साथ ही समाज द्वारा एकत्रित 50 हजार रुपए की राशि सीधे काशी के परिवार को सौंपकर इलाज में सहयोग किया गया। जामा मस्जिद के बाहर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठ अब्दुल हमीद ने कहा कि इस्लाम की शिक्षा इंसानियत, मदद और भाईचारे की है। हमें धर्म देखकर नहीं बल्कि एक इंसान समझकर मासूम काशी की अधिक से अधिक सहायता करनी चाहिए। वहीं जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज इलियास साहब ने भी समाजजनों से अपील करते हुए कहा कि यह समय दुआ और मदद का है, हर व्यक्ति को अपनी क्षमता अनुसार इस बच्ची की जान बचाने में सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर मुस्लिम समाज सदर मुन्ना लाला, जामा मस्जिद सदर अमजद लाला, चेतनपुरा मस्जिद सदर अयूब खान मेव, वरिष्ठ समाजसेवी युसूफ पहलवान सहित कई समाजसेवियों ने भी सभा को संबोधित किया और सहयोग की अपील की। इकरा इंग्लिश स्कूल संचालक आजाद खान ने मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि वर्ष 2021 में केरल के मोहम्मद के इलाज के लिए वहां के जनप्रतिनिधियों ने मात्र 7 दिनों में 47 करोड़ रुपए जुटाकर मिसाल कायम की थी, तो मध्यप्रदेश की बेटी काशी के इलाज के लिए शासन को भी संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल प्रभाव से सहायता राशि का प्रबंध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मासूम काशी का इलाज समय पर होना बेहद जरूरी है, क्योंकि देरी उसकी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। समाजजनों ने अंत में शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक सहयोग कर इस मासूम बच्ची की जिंदगी बचाने में अपना योगदान दें, ताकि काशी को समय रहते इलाज मिल सके और उसका भविष्य सुरक्षित हो सके।