इंदौर भारत आदिवासी पार्टी ने 30 मार्च का घेराव किया निरस्त
26 Mar 2026

इंदौर भारत आदिवासी पार्टी ने 30 मार्च का घेराव किया निरस्त
इंदौर। भंवरकुआं थाना क्षेत्र में आदिवासी पीड़ित परिवार के साथ मारपीट के मामले में FIR दर्ज नहीं होने को लेकर प्रस्तावित थाना घेराव का मामला आखिरकार सुलझ गया। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद भारत आदिवासी पार्टी ने 30 मार्च को प्रस्तावित घेराव निरस्त कर दिया। जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार की शिकायत पर शुरुआत में थाना पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। आरोप है कि थाना प्रभारी राजकुमार यादव एवं इंचार्ज SI नीलमणि ठाकुर ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया था, जिससे पीड़ित पक्ष और समाजजनों में आक्रोश बढ़ गया। मामले को लेकर भारत आदिवासी पार्टी की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट कोमल धोपिया के नेतृत्व में आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। घेराव की घोषणा और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने पीड़ित परिवार से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया और अंततः संबंधित मामले में FIR दर्ज की। FIR दर्ज होने के बाद कोमल धोपिया ने घोषणा करते हुए कहा कि जब चेतावनी के बाद ही पीड़ित को न्याय मिल गया, तो घेराव की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे आंदोलनों में समाजजनों को अनावश्यक संघर्ष करना पड़ता है। साथ ही उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो कार्य सामान्य प्रक्रिया में होना चाहिए, उसके लिए गरीब और पीड़ितों को बार-बार परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने भविष्य में सभी पीड़ितों की समय पर सुनवाई और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। बताया जा रहा है कि यदि FIR दर्ज नहीं होती तो 30 मार्च को बड़े स्तर पर थाना घेराव किया जाना था। फिलहाल पुलिस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।