संभाजी महाराज बलिदान दिवस पर मुज़फ्फरनगर में भव्य मशाल पदयात्रा
19 Mar 2026
Reporter--Shantanu
मुज़फ्फरनगर | दिनांक: 18 मार्च 2026
हिंदवी स्वाभिमान, अदम्य साहस और धर्मनिष्ठा के प्रतीक छत्रपति संभाजी महाराज के पावन बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में छत्रपति शिवाजी सेना द्वारा आज एक भव्य, अनुशासित एवं प्रेरणादायक नंगे पांव मशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया।
यह पदयात्रा सायं 4:30 बजे टाउन हॉल से प्रारंभ होकर मालवीय चौक, अंसारी रोड होते हुए शिव चौक पर संपन्न हुई। हाथों में प्रज्वलित मशालें और हृदय में अटूट श्रद्धा लिए सैकड़ों शिवाजी सैनिकों एवं नवयुवकों ने अनुशासन के साथ सहभागिता कर वातावरण को राष्ट्रभक्ति और वीरता के उद्घोषों से गुंजायमान कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चित आर्य ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज का बलिदान केवल इतिहास नहीं, अपितु राष्ट्र के स्वाभिमान की अमर गाथा है, जो प्रत्येक पीढ़ी को अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा हेतु प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने बताया कि संगठन आने वाले समय में बलिदान दिवस पर विस्तृत कार्यक्रम श्रृंखला आयोजित करेगा, जिससे नवपीढ़ी में धर्म के प्रति समर्पण और बलिदान की भावना जागृत हो सके।
वहीं प्रदेश संगठन मंत्री सुमित बजरंगी ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं में ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हुए संगठन की एकता, सक्रियता एवं जनसमर्पण की भावना को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
इस आयोजन की बागडोर जिलाध्यक्ष मोहित सोलंकी द्वारा अत्यंत कुशलता एवं अनुशासन के साथ संभाली गई, जिनके नेतृत्व में कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली रूप से संपन्न हुआ। ब्लॉक अध्यक्ष निखिल ने युवाओं के साथ जोशीले उद्घोष कर वातावरण को और अधिक ऊर्जावान बना दिया।
कार्यक्रम में के० संगठन मंत्री जैकी राज सैनी, शान्तनु रवा राजपूत (युवा जिला अध्यक्ष), देवांक चौधरी (जिला अध्यक्ष, सहारनपुर), विशाल राणा, शिवम त्यागी, सत्यवीर, वरुण, नितिन पाल, वंश पंडित, हर्ष, हिमांशु पाल, अमन राय, विवेक आर्य, अंकित आर्य, गौरव रावत, सचिन सिमर, अमित विश्वकर्मा, राहुल धीमान, अजय धीमान, ठाकुर मानसिंह, अर्णव, आदित्य, आकाश जडेजा, विकास वर्मा, संजीव धीमान, सौरव, विक्रांत पहलवान, अनमोल, मोहित राणा सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने पूर्ण अनुशासन, समर्पण एवं श्रद्धा के साथ सहभागिता कर संगठन की एकजुटता और शक्ति का परिचय दिया।
यह आयोजन न केवल वीर छत्रपति संभाजी महाराज जी के अमर बलिदान को स्मरण करने का माध्यम बना, बल्कि समाज में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और संगठनात्मक एकता का सशक्त संदेश देने में भी पूर्णतः सफल रहा।








