नहर टूटी, किसानों की मेहनत डूबी: जेसीबी से 5 घंटे में रोका गया पानी
18 Mar 2026
Reporter --Kuldeep Kumar
एटा जिले के अलीगंज विकास खंड क्षेत्र में मंगलवार देर रात विजयपुर और लालपुर गांव के बीच नहर कटने से बड़ा नुकसान हो गया। नहर कटने से करीब 5 मीटर चौड़ी खाई बन गई और पटरी टूट गई, जिससे लालपुर, विजयपुर और बिल्सड़ गांवों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई।
घटना के समय खेतों में तंबाकू, गेहूं और सरसों की फसलें पूरी तरह तैयार थीं। तेज बहाव के साथ नहर का पानी खेतों में भर गया, जिससे फसलें पूरी तरह डूब गईं और किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर की कई वर्षों से सफाई नहीं कराई गई, जिसके चलते हर साल इस तरह की घटनाएं होती हैं। बावजूद इसके सिंचाई विभाग के अधिकारी लापरवाही बरतते हैं और समय पर कोई कार्रवाई नहीं करते।
सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पानी रोकने की कोशिश शुरू कर दी। जब प्रयास असफल रहे, तो ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर जेसीबी मशीन मंगवाई और नहर की टूटी पटरी को बंद कराया। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पानी का बहाव रोका जा सका, लेकिन तब तक फसलों को भारी नुकसान हो चुका था।
ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह से ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई थी, लेकिन कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी है।
विजयपुर निवासी पुष्पेंद्र के अनुसार, लगभग 100 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो चुकी है और 45 से अधिक किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसान उदयवीर ने भी बताया कि उनकी तंबाकू, गेहूं और सरसों की पूरी फसल पानी में डूब गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का जल्द सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए और नहर की नियमित सफाई व मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








