खमरिया में डॉक्टर एनबीएस स्कूल लिटिल साइंटिस्ट साइंस फेयर
23 Feb 2026
रिपोर्टर--मुकेश कुमार यादव
खमरिया
23 फरवरी को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक लिटिल साइंटिस्ट साइंस फेयर हुआ डॉक्टर एनबीएस स्कूल विज्ञान प्रदर्शनी स्कूल खमरिया भदोही में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों के वैज्ञानिक सोच की झलक दिखी। विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. ऋषि रंजन सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण वह दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया मौके पर एलकेजी व कक्षा एक से 8 के बच्चों ने लिटिल साइंटिस्ट साइंस फेयर हुआ। बच्चों ने विज्ञान से जुड़े कई तरह के मॉडल दिखाए, लिटिल साइंटिस्ट साइंस फेयर हुआ। बच्चों ने विज्ञान से जुड़े कई तरह के मॉडल दिखाए, जिनमें चंद्रयान-3, फूड एग्रोमोल एग्रीकल्चर, पीरियोडिक टेबल, एनबीएस स्कूल का मॉडल, जेसीबी, चंद्रयान-2, वाटर इलेक्ट्रिसिटी, जनरेटर और मनी बैंक जैसे आकर्षक मॉडल शामिल थे। प्रदर्श किया गया। अतिथियों ने छात्रों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का काफी बारीकी से अवलोकन किया तथा उन्होंने कुछ मॉडल को चिह्नित कर उस पर आगे कार्य करने की सलाह दी। मुख्य अतिथि डॉ. ऋषि रंजन सिंह ने बच्चों के मनोबल को उत्साहित किया और कहा कि इस तरह का कार्यक्रम विद्यालय द्वारा कराने से बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ती है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट विधि द्वारा बच्चों में एक अधिगम का आगमन होता है और बच्चा अपने कौशल का सही उपयोग कर सकता है। जरूरत के हिसाब से विज्ञान के क्षेत्र में नए-नए अविष्कार जरूरी है। यहां छात्रों ने जिस तरह से प्रतिभा दिखाई है निश्चित ही ये सभी एक दिन विद्यालय और देश का नाम रोशन करेंगे। मौके पर
विद्यालय प्रबंधक भूमिका सिंह ने भी विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को जिज्ञासु होना चाहिए। बिना जिज्ञासा के कोई नया इन्वेंशन नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम सभी जन्म से ही वैज्ञानिक होते हैं क्योंकि हमेशा कुछ न कुछ नया करते हैं और सीखते हैं। उन्होंने कहा कि बिना लक्ष्य के कोई भी मुकाम हासिल नहीं हो सकता। इसीलिए छात्र अपने जीवन में हमेशा लक्ष्य बनाकर चले। इस अवसर पर उपस्थित विद्यालय के अध्यापक प्रधानाचार्य सुशील सिंह, रविकांत मौर्य, अम्बरीस पाल, नागेंद्र, विपिन, महीनूर, तहरीन, सबीना, मोहिनी, सुनील जोशी, शिवकुमार सहित अन्य अध्यापक-अध्यापिकाएँ भी मौजूद थे








