नेमावर में आयोजित निर्झरणी महोत्‍सव में कलाकारों ने सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियों से जीवनदीयिनी माँ नर्मदा की महिमा का प्रदर्शन किया
25 Jan 2026

नेमावर में आयोजित निर्झरणी महोत्‍सव में कलाकारों ने  सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियों से जीवनदीयिनी माँ नर्मदा की महिमा का प्रदर्शन किया
नेमावर/खातेगाँव — मध्‍यप्रदेश शासन संस्‍कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन देवास के सहयोग से माँ नर्मदा को धन्‍यता प्रकट करने के लिए रविवार को नेमावर में निर्झरणी महोत्‍सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्‍या में श्रोता-दर्शकों के साथ गणमान्‍य अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्‍ज्‍वलन के साथ माँ नर्मदा की आरती कर किया गया। तत्‍पश्‍चात प्रदेश व देश के सुप्रतिष्ठित कलाकारों ने अपनी सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियों से जीवनदीयिनी की महिमा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर पहली प्रस्‍तुति नर्मदा केन्द्रित नृत्‍यनाटिका की रही, जिसे सुश्री वैभवी लांडगे एवं साथी, देवास ने ओडिसी नृत्‍य शैली में प्रस्‍तुत किया। उन्‍होंने अपनी प्रस्‍तुति का प्रारंभ मंगलाचरण से किया, जिसमें उन्‍होंने भगवान जगन्‍नाथ की आराधना को प्रस्‍तुत किया। अगली प्रस्‍तुति माँ नर्मदा के उद्गम की कथा को नृत्‍य के माध्‍यम से दर्शाया, साथ ही मध्‍यप्रदेश की जीवनधारा के रूप में भी दिखाया। इसके बाद पवित्र नर्मदा परिक्रमा और उसके प्रति आस्‍था एवं भक्ति को नृत्‍य से मनमोहक स्‍वरूप में प्रस्‍तुत किया। अंत में उन्‍होंने मोक्ष प्रस्‍तुति देकर विराम दिया। अगली प्रस्‍तुति सुश्री शिवानी सोनगरा एवं साथी, देवास की मालवी लोकगायन की रही। उन्‍होंने मालवा की मिठास को अपने सुरों के साथ बड़े आकर्षक अंदाज में प्रस्‍तुत किया। पहला गीत मैया नर्मदा को नीर है प्यारो कल कल बहतो आवे है.... था। इसके बाद चलो रे भाई मैया नर्मदा के तीर, मैया नर्मदा को निर्मल पाणी, निर्मल कर दे शरीर.... से श्रोताओं की आत्‍मा को भी निर्मल कर दिया। इसके बाद माँ नर्मदा केन्द्रित एवं आस्‍था-भक्ति से सराबोर गीतों की प्रस्‍तुति दी। अंतिम प्रस्‍तुति सुश्री सिद्धा सांई एवं साथी, नर्मदापुरम के भक्ति गायन की रही। उन्‍होंने शिव वंदना से शुरुआत की, जिनके आशीर्वाद से माँ नर्मदा का धरती पर अवतरण हुआ। अगली प्रस्‍तुति में नर्मदा भजन, दुर्गा स्‍तुति एवं भगवान श्रीराम के भजन थे। श्रीकृष्‍ण के भजनों की प्रस्‍तुति से सिद्धा सांई ने नेमावर में वृंदावन की सुगंध बिखेर दी।
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