UGC के नए 2026 नियमों से सामान्य वर्ग के छात्रों में असुरक्षा, शान्तनु रवा राजपूत ने जताई चिंता
23 Jan 2026

UGC के नए 2026 नियमों से सामान्य वर्ग के छात्रों में असुरक्षा, शान्तनु रवा राजपूत ने जताई चिंता
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में जारी किए गए इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मुजफ्फरनगर के प्रमुख युवा चेहरे शान्तनु रवा राजपूत ने इन नियमों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समानता के नाम पर सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिरों में सभी के लिए न्याय और सुरक्षा के समान अवसर होने चाहिए। नियमों में सुरक्षा कवच की कमी पर सवाल: शान्तनु रवा राजपूत, जो छत्रपति शिवाजी सेना के युवा जिला अध्यक्ष के रूप में युवाओं की समस्याओं को उठाते रहे हैं, उन्होंने बताया कि 2026 के नए नियमों में से उस प्रावधान को हटा दिया गया है जो भेदभाव की झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई की बात करता था। शान्तनु रवा राजपूत का कहना है कि, झूठी शिकायतों पर सजा का प्रावधान न होने से सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों को बिना वजह फंसाए जाने का खतरा बढ़ जाएगा। यह प्रावधान भविष्य में निर्दोषों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का जरिया बन सकता है। योग्यता (Merit) की अनदेखी का आरोप: युवा नेता ने कहा कि कॉलेजों में इक्विटी स्क्वाड और इक्विटी कमेटी जैसे प्रयोग कैंपस के माहौल को पुलिस छावनी जैसा बना देंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब कॉलेजों में पढ़ाई से ज्यादा जोर जातिगत समीकरणों पर होगा? शान्तनु रवा राजपूत के अनुसार, शिक्षा संस्थान योग्यता के आधार पर चलने चाहिए। नए नियमों ने सामान्य वर्ग के छात्रों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है, जिससे कैंपस का शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल बिगड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार और UGC से मांग की है कि इन नियमों पर पुनर्विचार कर सामान्य वर्ग के छात्रों के संरक्षण के लिए भी ठोस नियम जोड़े जाएं, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो।