स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पड़ी भारी, कलेक्टर ने 18 पर की सख्त कार्रवाई
20 Jan 2026

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पड़ी भारी, कलेक्टर ने 18 पर की सख्त कार्रवाई
देवास, 19 जनवरी 2026। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान सामने आई गंभीर लापरवाही को लेकर कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए 18 चिकित्सक, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। कलेक्टर श्री सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री अंशु जावला, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बेक, सिविल सर्जन डॉ. आर.पी. परमार सहित स्वास्थ्य व महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, एएनसी पंजीयन, आयुष्मान योजना, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ, एनआरसी, एनसीडी तथा सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। समीक्षा में जिले में एएनसी पंजीयन मात्र 66.04 प्रतिशत पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और इसे विभागीय लापरवाही बताया। एएनसी पंजीयन में लापरवाही पर प्रभारी एएनएम श्रीमती रीना साकते एवं श्रीमती दीपिका वर्मा का सात दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र में मॉनिटरिंग में लापरवाही पर बीईई सुखदेव रावत की दो वेतनवृद्धि रोकी गई। सोनकच्छ विकासखंड की स्थिति को अत्यंत निराशाजनक बताते हुए कलेक्टर ने सोनकच्छ बीपीएम दीपक चौहान का दस दिन का वेतन काटने तथा सोनकच्छ बीएमओ राकेश कुमार की दो वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि कलेक्टर की अनुमति के बिना कोई भी बीएमओ अवकाश पर नहीं जाएगा। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि एनीमिक गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित उपचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में ब्लड ट्रांसफ्यूजन कराने पर 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। मातृ मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा में लापरवाही पाए जाने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पानी गांव की चिकित्सक डॉ. मेघा कदम की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं कन्नौद में रेफर एनीमिक महिला का उपचार न करने पर कन्नौद बीएमओ लोकेश मीणा सहित संबंधित अधिकारियों व चिकित्सकों पर विभागीय जांच बैठाने के आदेश दिए गए। टीबी कार्यक्रम की समीक्षा में टोंकखुर्द द्वारा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर संबंधितों की सराहना की गई, जबकि सोनकच्छ में कार्य असंतोषजनक पाए जाने पर एसटीएलएस शर्मिला राठौर को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा एनआरसी, गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल तथा अन्य कार्यक्रमों में लापरवाही पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि जिले में शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, हाई रिस्क मामलों में ही रेफर किया जाए तथा सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।