सुदवास मंडल का विराट हिंदू सम्मेलन गांव कांगनीखेडा में हुआ।
16 Jan 2026
Reporter-- Ashok Rathore
बड़ौद- संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन सुदवास मंडल के गांव कांगनीखेडा में किया गया।जिसमें सर्वप्रथम संत श्री रविन्द्रानंद जी सरस्वती महाराज सालरीया गोअभ्यारण के आगमन पर उनका स्वागत कर बैलगाड़ी से उन्हें कार्यक्रम स्थल तक लाया गया। हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम प्रारंभ हुआ अतिथियों द्वारा गौमाता की पूजन की गई उसके बाद मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया,एवं मंचासीन अतिथियों का परिचय सत्यनारायण विश्वकर्मा आचार्य द्वारा करवाया गया, सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत सम्मान किया गया जिसमें संत श्री रविन्द्रानंद जी सरस्वती महाराज का स्वागत मंडल संयोजक प्रहलादसिंह, नेपालसिंह सरपंच, बनेसिंह, अर्जुनसिंह, द्वारा किया गया, मुख्य वक्ता गोपाल बैरागी का स्वागत ओमप्रकाश फौजी साहब द्वारा किया गया, मातृशक्ति वक्ता अंजलि जैन राष्ट्रीय सेविका संघ नलखेड़ा नगर कार्यवाह का स्वागत मानकुंवरबाई चिप्या द्वारा किया गया, लालसिंह चौहान हिंदू सम्मेलन खंड संयोजक का स्वागत डॉक्टर विष्णु शर्मा द्वारा किया गया। प्रबुद्ध जनों का स्वागत हिम्मतसिंह तंवर, दिलीप कुमार गहलोत, ईश्वर सिंह, भगवान सिंह, अंदरसिंह, भैरूसिंह आर्य, मदनसिंह द्वारा किया गया। विद्यालय विवेकानंद ज्ञान मंदिर जामली,सरस्वती शिशु मंदिर सेवाखेड़ी, आदर्श विद्या मंदिर कांगनीखेड़ा के भैया बहनों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दी जिसने सभी का मन मोह लिया। गीत जितेंद्र सेन एवं अमृत वचन तेजूसिंह द्वारा लिया गया। संत आशीर्वचन में संत श्री ने अपने सनातन धर्म की रक्षा करने के लिए हिंदू समाज का जागरण करने की बात कही सभी हिंदू बांधवों को एक संगत और एक पंगत में रहना हैं सामाजिक समरसता का पालन अपने जीवन में करना है, मुख्य वक्ता गोपाल जी बैरागी ने अपने उद्बोधन में 100 वर्ष संघ की यात्रा के बारे में बताया, डॉ केशवराव बलीराम हेडगेवार जी के जीवन पर प्रकाश डाला और बताया कि किस प्रकार डॉक्टर साहब ने अपना जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया साथ ही उन्होंने बताया कि हमारा गौरवशाली इतिहास रहा है जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी व स्वामी विवेकानंद जी जैसे अनेक महापुरुषो के वीरता और शौर्य के बल पर देश गुलामी की जंजीरों को तोड़ता हुआ आगे बढ़ा है। आज इन महापुरुषों के जीवन से प्रेरित होकर हमें भी राष्ट्रहित में आगे आना होगा,उन्होंने कहा कि सकल हिंदू समाज का जागरण ही संघ का मुख्य उद्देश्य है, मातृशक्ति वक्ता अंजली जैन ने अपने उद्बोधन में पंच परिवर्तन के विषय पर विस्तार से बताया जिसमें कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से टूटते परिवार का कारण आधुनिक जीवन शैली को बताया उन्होंने संस्कारों के साथ परिवार को जोड़ने की बात कही। साथ ही उन्होंने बताया कि नारी शक्ति भी परिवार में बच्चों को संस्कारित कर राष्ट्र की सेवा कर सकती। कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती मंचासीन अतिथियों द्वारा की गई। कार्यक्रम का संचालन सत्यनारायण विश्वकर्मा ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी धर्म प्रेमी बंधूओ का समरसता सहभोज का कार्यक्रम रखा गया, जहां पर सभी ने सामूहिक रूप से सहभोज किया।








