पिता के 100 वर्ष पूर्ण होने पर 'पिता-पुत्र प्रेरणा पुस्तिका' का विमोचन: उदय शंकर पाण्डेय ने पेश की 'श्रवण कुमार' की मिसाल
06 Jan 2026

पिता के 100 वर्ष पूर्ण होने पर 'पिता-पुत्र प्रेरणा पुस्तिका' का विमोचन: उदय शंकर पाण्डेय ने पेश की 'श्रवण कुमार' की मिसाल
झाँसी | 06 जनवरी, 2026 आज के आधुनिक युग में जहाँ पारिवारिक रिश्तों में दूरियाँ बढ़ रही हैं, वहीं झाँसी में पिता-पुत्र के अनन्य प्रेम और समर्पण की एक अद्भुत झलक देखने को मिली। पंडित नाथूराम पाण्डेय जी के जन्म शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'शतायु महोत्सव' की यादों और उनके जीवन संघर्षों को संजोए हुए 'पिता-पुत्र प्रेरणा पुस्तिका' का भव्य विमोचन लेमन ट्री होटल में संपन्न हुआ। फिट इंडिया और सेवा का संदेश पंडित नाथूराम पाण्डेय जी ने अपने जीवन के 100 वर्ष पूर्ण कर न केवल स्वस्थ जीवन (फिट इंडिया) का संदेश दिया है, बल्कि समाज के सामने एक आदर्श भी स्थापित किया है। बरुआसागर में आयोजित उनके शताब्दी समारोह में जहाँ कला, साहित्य और खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया था, वहीं इस पुस्तिका के माध्यम से उनके जीवन के अनुभवों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। आज के दौर के 'श्रवण कुमार' पुस्तिका के विमोचन के दौरान वक्ताओं ने उदय शंकर पाण्डेय के अपने पिता के प्रति समर्पण की जमकर प्रशंसा की। कार्यक्रम में कहा गया कि जहाँ आज की पीढ़ी अपने वृद्ध माता-पिता को अकेला छोड़ देती है, वहीं उदय शंकर पाण्डेय ने कलयुग में 'श्रवण कुमार' की भूमिका निभाकर यह सिद्ध कर दिया कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, परिवार और माता-पिता की सेवा ही सर्वोपरि है। यह पुस्तिका समाज के लिए एक वास्तविक मार्गदर्शिका का कार्य करेगी। विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति पुस्तिका का विमोचन निम्नलिखित अतिथियों द्वारा किया गया: सुनील कुमार (उप क्रीड़ा अधिकारी) बृजेंद्र यादव (वरिष्ठ समाजसेवी) उदय कुमार पांडेय मालती गोस्वामी एवं अखिलेश गोस्वामी उपस्थित गणमान्य: इस अवसर पर रवि सिंह, हरि कुशवाहा, मनोज कुशवाहा, श्वेता राय, शिवानी राय, रवि प्रताप सिंह, रूपेश नायक, भारती, अशोक मामा, सुरेश गोस्वामी, जय प्रकाश विरथरे, सोनू, सिंकू परिहार, अविनाश, राहुल, नरेंद्र कुशवाहा, कमलेश, प्रमोद सोनी, आलोक, अखिलेश अग्रवाल, राजीव, महेंद्र, निशारद, राज, कुणाल समेत पाण्डेय परिवार के सदस्य और मित्रगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन रिंकू परिहार द्वारा किया गया। अंत में उदय शंकर पाण्डेय ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए माता-पिता की सेवा को ही जीवन का सबसे बड़ा धर्म बताया।