स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, देवास व ग्राम लोहारी में क्लीनिक–फिजियोथैरेपी सेंटर में मिली गंभीर अनियमितताएं
06 Jan 2026
रिपोर्टर-- रवि कुमरे
देवास।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय देवास को प्राप्त शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देवास शहरी क्षेत्र में डॉ. वंदना दुबे के क्लीनिक तथा ग्राम लोहारी में संचालित फिजियोथैरेपी सेंटर का औचक निरीक्षण किया, जहां कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि निरीक्षण नोडल अधिकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष कोतकर के नेतृत्व में किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम लोहारी में कृति यादव के नाम से संचालित फिजियोथैरेपी सेंटर पाया गया। निरीक्षण के समय कृति यादव मौके पर उपस्थित नहीं थीं, जबकि वहां रीना देवड़ा नामक फिजियोथैरेपिस्ट मौजूद मिलीं। उनके पास फिजियोथैरेपी की डिग्री तो है, लेकिन उनका पंजीयन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में नहीं पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि कृति यादव द्वारा “दबी हुई नसों के संपूर्ण इलाज” के नाम पर विभिन्न स्थानों पर विज्ञापन किया जा रहा है। बिना किसी चिकित्सक की सलाह के सीधे मरीजों को फिजियोथैरेपी दी जा रही है और पूर्ण इलाज का दावा किया जा रहा है, जो तथ्यात्मक रूप से भ्रामक पाया गया।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि ग्राम लोहारी में डॉ. आई.पी. पटेल चाइना से एमबीबीएस करने के बाद मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की परीक्षा उत्तीर्ण किए बिना ही एमबीबीएस की नाम पट्टिका लगाकर मरीज देख रहे हैं। इसके अलावा डॉ. विवेक सिंह भदौरिया, जो बी.ए.एम.एस. हैं, वे भी उक्त स्थान पर सेवाएं देते पाए गए, जबकि उनका पंजीयन भी सीएमएचओ कार्यालय में नहीं है।
टीम ने यह भी पाया कि केंद्र में बिना अनुमति एलोपैथी पद्धति से इलाज किया जा रहा है। मौके पर मरीजों के पंजीयन एवं उपचार से संबंधित कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। निरीक्षण में एंटीबायोटिक सहित विभिन्न एलोपैथी दवाइयां एवं इंजेक्शन मिले, जो एलोपैथी उपचार में उपयोग किए जाते हैं। परिसर में एक मेडिकल स्टोर भी संचालित पाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे दो दिवस के भीतर समस्त दस्तावेज एवं रिकॉर्ड के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में उपस्थित हों, अन्यथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
इसके साथ ही टीम द्वारा देवास शहर में स्थित डॉ. वंदना दुबे के क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया। जांच में मौजूद मरीजों ने बयान दिए कि उन्हें होम्योपैथी पद्धति से उपचार किया गया है, लेकिन क्लीनिक में मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं के लिए पृथक रजिस्टर संधारित नहीं पाया गया। डॉ. वंदना दुबे को भी दो दिवस के भीतर आवश्यक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण दल में जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी श्रीमती श्रुति गौर तोमर सहित अन्य कार्यालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।








