आर्यिका 105 विश्वाड माताजी का मरण
31 Dec 2025
Reporter-- Ram chandra
सुसनेर। गुरुवर गणधर आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका 105 विश्व रत्ना माताजी ने बुधवार को सायं 6 बजकर 15 मिनट पर अपने नश्वर देह का त्याग कर समाधि मरण प्राप्त किया। वे वात्सल्य, त्याग, तपस्या एवं आध्यात्मिक ज्ञान की प्रतिमूर्ति थीं। आर्यिका माताजी का संपूर्ण जीवन अहिंसा, संयम और साधना के उच्च आदर्शों को समर्पित रहा। उनके समाधि मरण की सूचना मिलते ही सुसनेर सहित आसपास के क्षेत्रों में जैन समाज में शोक की लहर व्याप्त हो गई। आर्यिका माताजी की डोल यात्रा एवं अंतिम संस्कार आज गुरुवार को प्रातः 8 बजे दिगंबर जैन बड़ी धर्मशाला, इतवारिया बाजार से निकाली जाएगी। जैन समाज के धर्मावलंबियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।








