एटा जिले में उर्वरक की कालाबाजारी और किसानों से मनमानी वसूली पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला कृषि अधिकारी मनवीर सिंह के नेतृत्व में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के आदेश तथा प्रमुख सचिव (कृषि), उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में की गई।
इस अभियान का उद्देश्य रबी सीजन 2025–26 के दौरान किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर पूर्णतः अंकुश लगाना है।
7 उर्वरक दुकानों से लिए गए नमूने
छापेमारी के दौरान कुल सात उर्वरक प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए। इनमें शामिल हैं—
मै० गौरव बीज एवं दवा भण्डार (गोलाकुआं)
मै० श्याम फर्टिलाइजर्स (गोलाकुआं)
मै० सिद्धार्थ खाद बीज भण्डार (गोलाकुआं)
मै० राधा स्वामी खाद भण्डार (धुमरी)
मै० जयश्री बालाजी खाद भण्डार (धुमरी)
मै० प्रतीक ट्रेडर्स (धुमरी)
अन्य प्रतिष्ठानों का भी किया गया निरीक्षण
किसानों से लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए कृषि अधिकारी ने कई अन्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया, जिनमें—
मै० कृषक भारती सेवा केन्द्र (अलीगंज रोड)
मै० इफको किसान सेवा केन्द्र (मण्डी समिति)
मै० उपभोक्ता भण्डार (सहकारी समिति, मण्डी)
क्रय-विक्रय सहकारी समिति (अलीगंज चुंगी)
मै० गुप्ता जी फर्टिलाइजर्स
शामिल हैं।
अनियमितता पर 2 लाइसेंस निरस्त
निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर—
मै० न्यू वर्मा बीज भण्डार (कासगंज रोड)
मै० दुर्गा खाद भण्डार (सरौठ रोड, जटौरा भान)
के उर्वरक लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।
कृषि अधिकारी का सख्त संदेश
जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी नियमित और आकस्मिक निरीक्षण जारी रहेंगे तथा दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।








