एटा जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों का निस्तारण किया गया। यह लोक अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा के तत्वावधान में लगाई गई थी।
जनपद न्यायाधीश दिनेश चंद्र, अपर जिला जज कमालुद्दीन और नोडल अधिकारी अपर जिला जज नरेंद्र पाल राणा की देखरेख में वादों का निपटारा हुआ। आपराधिक शमनीय वाद, वैवाहिक वाद, धारा 138 एनआई एक्ट के तहत धन वसूली, श्रम विभाग, बिजली-पानी के बिल और आर्बिट्रेशन जैसे मामले आपसी सुलह-समझौते से निपटाए गए।
लोक अदालत में बीमा कंपनियों, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, कई अधिवक्ता, विभिन्न विभागों के कर्मचारी और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
लोक अदालत के आयोजन के साथ ही जिला जेल में निरुद्ध महिला बंदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए। इसका मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना था।
डिप्टी जेलर शशि कला ने बताया कि महिला बंदियों को सशक्त और हुनरमंद बनाने का कार्य किया जा रहा है। उनके द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों की बिक्री से प्राप्त राशि उन्हें उनकी मेहनत के भुगतान के रूप में दी जाएगी।








