तरन्नुम को न्याय दिलाने के लिए समाजसेवी मनीष चौधरी का मस्जिद पर धरना बैठे, जमीयत ने मांगा समय
09 Dec 2025
Reporter--Shantanu
तरन्नुम को न्याय दिलाने के लिए समाजसेवी मनीष चौधरी का मस्जिद पर धरना बैठे, जमीयत ने मांगा समय
मुजफ्फरनगर। जनपद में एक विवाहिता द्वारा पति पर बिना सहमति दूसरा निकाह करने का आरोप लगाने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज़ समाजसेवी मनीष चौधरी ने 9 दिसंबर से मस्जिद पर बेमियादी पंचायत का ऐलान किया था। मंगलवार को वो पीड़ित पक्ष के लोगों के साथ मस्जिद के बाहर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। धरना शुरू होते ही इस धरने मैं जमीयत उलेमा-ए-हिंद के हस्तक्षेप से वार्ता हुई, बुढाना पुलिस भी मौके पर पहुंची जिसके बाद विवाद को समाधान की दिशा में मोड़ने की पहल में समाज साथ खड़ा नजर आया।
शामली निवासी तरन्नुम का विवाह वर्ष 2015 में मुजफ्फरनगर जनपद के गांव सांझक निवासी फरमान के साथ हुआ था। दंपति के तीन बच्चे हैं और परिवार कुछ समय से शहर के मोहल्ला अंबा विहार में किराये के मकान में रह रहा है। तरन्नुम का आरोप है कि उसके पति फरमान ने बुढ़ाना क्षेत्र में किसी अन्य लड़की से बिना उसकी सहमति के दूसरा निकाह कर लिया और वहीं उसके साथ रह रहा है। पीड़िता का कहना है कि इस कथित निकाह में बुढ़ाना की बिलाल मस्जिद के कुछ मौलवियों की भूमिका रही। इस संबंध में उसने पुलिस से शिकायत भी की, परंतु सुनवाई न होने पर उसने अपनी पीड़ा राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष एवं समाजसेवी मनीष चौधरी तक पहुंचाई और न्याय की मांग की। मामले को गंभीर मानते हुए समाजसेवी मनीष चौधरी ने पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री तक पीड़िता की शिकायत पहुंचाने के प्रयास किए। इसके साथ ही उन्होंने 9 दिसंबर से मस्जिद पर बेमियादी पंचायत और आंदोलन ऐलान किया था।
घोषणा के अनुसार मंगलवार सुबह मनीष चौधरी, पीड़ित महिला और उसके परिजन बुढ़ाना स्थित मस्जिद पहुंचे और वहीं पंचायत, धरना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद मौलाना शुऐब आलम, आसिफ कुरैशी, कारी मुबीन सहित जमीयत उलेमा-ए-हिंद बुढ़ाना के अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और मनीष चौधरी से वार्ता की। बाद में सभी लोग मदरसा जामिया दारूल फलाह में एक बैठक के लिए पहुंचे। यहां जमीयत के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फरमान ने गुमराह कर दूसरे निकाह की जानकारी दी और इसमें किसी मौलाना, मस्जिद या मदरसे की कोई संदिग्ध भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन चाहता है कि तरन्नुम को न्याय मिले और उसका परिवार सुरक्षित रहे। जमीयत ने मामले के समाधान के लिए शनिवार तक का समय मांगा है।
समाजसेवी मनीष चौधरी ने बताया कि समाज के जिम्मेदार लोगों ने पीड़िता की पीड़ा समझते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि हमने शनिवार तक अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। यदि इसके बाद भी न्याय न मिला तो संस्था द्वारा कानूनी कार्यवाही कराई जाएगी। यह लड़ाई एक महिला के सम्मान और उसके अधिकारों की है। बैठक में मुख्य रूप से भारत लोक सेवा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केपी चौधरी मोहम्मद आरिफ शहजाद, नौशाद, फिरोज, फरीद, इकराम, नसीम सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। बाद में मनीष चौधरी ने सुरक्षा की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन और गोपनीय विभाग के सहयोग देने के लिए धन्यवाद किया








