"डॉ. सुनील तेवतिया की ईमानदारी पर सवाल, समाजसेवी मनीष चौधरी ने महिला आयोग सदस्य पर लगाए बदनाम करने के आरोप।"
25 Nov 2025
Reporter--Shantanu
मुजफ्फरनगर प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी ने कहा है कि मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील तेवतिया बेहद ईमानदार व्यक्ति हे जो कि बिना किसी भेदभाव बिना किसी जाति धर्म के वह मानव सेवा के लिए अपने पद की गरिमा के लिए और सरकार की सुविधाओं को जन-जन तक अच्छी तरीके से पहुंचने के लिए दिन रात सामुदायिक सरकारी स्वास्थ्य केदो पर निगरानी बनाए रखते हैं ऐसे अधिकारी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही हे प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी का कहना कि बिजनौर में डॉ सुनील तेवतिया की धर्मपत्नी डॉक्टर नीतू तेवतिया का नवजीवन नर्सिंग होम है जो बिजनौर स्वास्थ्य विभाग मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत रजिस्टर्ड है और अपनी पत्नी का नर्सिंग होम होने के नाते वह अपनी संपत्ति होने के नाते अवकाश के दिनों में कभी भी देखरेख हेतु डा सुनील तेवतिया भी छुट्टी के दिन अपने परिवार के लोगों से मिलने चले जाते हे इसी बात को इशू बनाकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा हे जोकि गलत हे किसी भी सरकारी अधिकारी का राजनीरिकण नहीं होना चाहिए उन्होंने कहा हे कि डॉ सुनील तेवतिया के कार्यकाल में मुजफ्फरनगर में चिकित्सा व्यवस्था काफी हद तक सुधरी हे वहीं मैडिकल के नाम पर फर्जीकरण पर रोक लगी हे ऐसे ईमानदार अधिकारी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही हे जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगी प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी एवं उनकी समाजसेवी अंतरराष्ट्रीय टीम जनपद मुजफ्फरनगर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील तेवतिया के साथ हे जनपद में ऐसे सच्चे अधिकारी की जरूरत हे महिला आयोग की सदस्य सीमा जैन अग्रवाल की कार्यशैली खुद पर वह सरकार पर उंगली उठाने का कार्य कर रही है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार हर योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करती है महिला आयोग की सदस्य का कार्य पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना व सरकार की योजनाओ को महिलाओं के अनुरूप लाना है आखिरकार महिला आयोग की सदस्य सीमा जैन अग्रवाल प्राइवेट प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करके क्या साबित करना चाहती हे महिला आयोग की सदस्य ने जो कार्य किया है वह कहीं ना कहीं सरकार की छवि खराब करने का कार्य है जिस तरीके से मीडिया एवं पुलिस दल बल के साथ महिला आयोग की सदस्य नवजीवन नर्सिंग होम बिजनौर में पहुंची है और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा दिए गए बयान में बताया गया है कि उनके बेटे का मुजफ्फरनगर वर्धमान अस्पताल में डॉक्टर मुकेश जैन के यहां वर्धमान हॉस्पिटल मुजफ्फरनगर में ऑपरेशन हुआ था जिनके बिलों पर महिला आयोग की सदस्य मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुजफ्फरनगर को अपने घर बुलाकर साइन करना चाहती थी इस तरीके से यह लग रहा है किऐसे राजनीतिक लोग कहीं ना कहीं अधिकारियों को परेशान करके जबरदस्ती काम करना चाहते हैं जिससे सरकार की छवि भी धूमिल होती हैँ एवं सामाजिक गतिविधियों में भी बहुत गहरा असर पहुंचता है राजनीतिक लोगों को अपने कार्य दायित्व को निभाते हुए विभागीय कार्यवाही प्रशासनिक स्तर से करनी चाहिए








