देवास पोषण पुनर्वास केन्द्र में उपचार से गंभीर कुपोषण से मुक्त हुई नन्ही दिव्यांशी
31 Oct 2025
रिपोर्टर-- रवि कुमरे
देवास।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जैम्स बेक ने बताया कि देवास शहरी क्षेत्र के मुखर्जी नगर निवासी श्रीमती पायल पवार की 5 माह की पुत्री दिव्यांशी को गंभीर कुपोषण, कम वजन व उल्टी-दस्त की समस्या के चलते जिला चिकित्सालय देवास में भर्ती किया गया था। प्रारंभिक उपचार के बाद 2 मई 2025 को उसे पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) में भर्ती कर विशेष देखरेख में रखा गया।
एनआरसी में भर्ती के समय दिव्यांशी का वजन 3.1 किलोग्राम व ऊँचाई 55 सेमी थी, जो गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आती है। पोषक प्रशिक्षक अर्चना दुबे ने माँ को स्तनपान की सही तकनीक, स्थिति, एवं जुड़ाव का प्रशिक्षण दिया। माँ के दूध की कमी को दूर करने हेतु सप्लीमेंटरी सकिंग टेक्निक (SST) का उपयोग किया गया, जिससे दूध की मात्रा बढ़ी और शिशु को पर्याप्त पोषण मिलने लगा।
लगातार चिकित्सकीय निगरानी, संतुलित आहार, और सही परामर्श के परिणामस्वरूप दिव्यांशी का स्वास्थ्य धीरे-धीरे सुधरता गया।
08 अक्टूबर 2025 को चौथे फॉलोअप में उसका वजन बढ़कर 6.93 किलोग्राम, ऊँचाई 63 सेमी और एमयूएसी 13.5 सेमी हो गया — जो सामान्य श्रेणी है। अब दिव्यांशी पूर्णतः स्वस्थ है।
इस सफलता में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वैशाली निगम, डॉ. कपिल गांगिल, डॉ. श्वेता पटेल, पोषक प्रशिक्षक अर्चना दुबे, तथा एनआरसी टीम की वंदना, अंजु, पुष्पा, अन्नु, मेघा, मुस्कान का सराहनीय योगदान रहा।
डॉ. बेक ने बताया कि जिले के पोषण पुनर्वास केन्द्रों में गंभीर कुपोषित बच्चों को आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा चिन्हित कर भर्ती कराया जाता है। 14 दिनों तक बच्चों को निर्धारित आहार व चिकित्सकीय देखभाल दी जाती है तथा माताओं को स्तनपान और पोषण संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।
भर्ती अवधि में माताओं को ₹120 प्रतिदिन की दर से ₹1,680 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।








