कार्तिक उरांव जयंती पर जनजाति सुरक्षा मंच ने किया जिला स्तरीय आयोजन
30 Oct 2025
रिपोर्टर-- रवि कुमरे
बैतूल। राष्ट्रीय प्रख्यात जनजाति नेता स्वर्गीय श्री कार्तिक उरांव जी की जयंती जनजाति सुरक्षा मंच बैतूल जिला टोली द्वारा श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उनके योगदान, विचारों और जनजाति समाज के प्रति समर्पण को स्मरण किया गया।
परम श्रद्धेय कार्तिक उरांव जी ने जनजाति समाज की उन्नति के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया था। वे हमेशा इस बात के पक्षधर रहे कि —
> “जिन्होंने अपनी धर्म, संस्कृति और परंपरा को त्यागकर धर्मांतरण किया है, उन्हें जनजाति आरक्षण की सुविधा नहीं मिलनी चाहिए।”
उन्होंने इस मांग को लेकर लंबा संघर्ष किया, किंतु उनके जीवनकाल में यह सपना साकार नहीं हो सका। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संकल्प लिया कि कार्तिक उरांव जी के इस अधूरे सपने को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
वक्ताओं ने कहा कि जिन्होंने अपनी मौलिक जनजातीय पहचान छोड़कर अन्य धर्म अपना लिया है, उन्हें अनुसूचित जनजाति सूची से बाहर किया जाना चाहिए — यही कार्तिक उरांव जी का स्पष्ट मत था।
कार्यक्रम में जनजाति सुरक्षा मंच के संरक्षक डॉ. महेंद्रसिंह चौहान, जिला संयोजक सीताराम चड़ोकार, जिला प्रचार प्रमुख चैतराम कास्दे, जिला निधि प्रमुख डॉ. अरुणा चौहान, महिला प्रमुख डॉ. कृष्णा मौसिक, जनपद अध्यक्ष आठनेर श्रीमति रोशनी इवने, कार्यालय प्रमुख बंसी बारस्कर, युवा समाजसेवी बंडू लिखितकर, अरुण मौसिक, धर्मेंद्र रानियां सहित मंच के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने कार्तिक उरांव जी की जीवनी और डीलिस्टिंग (धर्मांतरण कर चुके लोगों को जनजाति सूची से बाहर करने) विषय पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।








