समाज सेवा और राष्ट्रहित ही संघ का उद्देश्य - राठौर
04 Oct 2025
Reporter-- Ashok Rathore
बड़ौद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 2 अक्टूबर विजयादशमी से शताब्दी वर्ष प्रारंभ हो गया हैं, इस वर्ष संघ का शताब्दी वर्ष हैं शताब्दी वर्ष का पहला कार्यक्रम मंडलों और नगरों के पथ संचलन निकालना हैं इसी कड़ी में बडौद खंड के मदकोटा मंडल का पथ संचलन निकाला गया जिसमें मंडल में निवासरत सभी गांव के स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश पहनकर अपने मंडल संचलन में भाग लिया। एकत्रीकरण गरबडा शाखा में हुआ जहां से संचलन प्रारंभ हुआ, संचलन से पहले सभी स्वयंसेवकों द्वारा योग, समता एवं आसन का प्रकट कार्यक्रम किया। मंडल संचलन से पहले कार्यकर्ताओं ने घर-घर संपर्क करके स्वयंसेवकों से संचलन में चलने एवं अपनी गणवेश पूर्ण करने का आग्रह किया। जगह-जगह पर पथ संचलन पर गांव के लोगों ने पुष्पों द्वारा स्वयंसेवकों का अभिवादन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गांव के वरिष्ठ एवं सामाजिक कार्यकर्ता नारायण सिंह चौहान द्वारा की गई, वक्ता सुरेश राठौर बड़ौद खंड कार्यवाह द्वारा उद्बोधन में कहां गया की स्वतंत्रता की प्राप्ति केवल शक्ति और सामर्थ्य होने से होती है दुनिया में दो प्रकार की शक्तियां होती है एक देवीय शक्ति और दूसरी आसुरी शक्ति विजयदशमी पर्व से पहले हम 9 दिनों तक माता की आराधना, उपासना करते हैं, एवं दशहरे पर हम शस्त्र पूजन करते हैं शस्त्र पूजन आदि अनादि काल से चला रहा हैं, भगवान राम ने 9 दिनों तक मां शक्ति की उपासना करी एवं दसवें दिन विजयदशमी पर रावण का अंत किया।असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है विजयादशमी, हमारे पास ऐसी शक्ति है कि जिसे विश्व में कोई नहीं हरा सकता लेकिन वह शक्ति किसी पर अत्याचार एवं अहित करने के लिए नहीं हैं यह शक्ति समर्पण एवं सेवा करने की शक्ति है, हम सभी केवल 1 घंटे के स्वयंसेवक नहीं है हम प्रतिदिन 24 घंटे के स्वयंसेवक हैं समाज सेवा एवं राष्ट्रहित के कार्य ही हमारा उद्देश्य हैं शताब्दी वर्ष के पंच परिवर्तन की बात की गई। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षक की भूमिका करणसिंह चौहान द्वारा निभाई गई एवं कार्यक्रम की रूपरेखा ईश्वरसिंह सिसोदिया उपखंड कार्यवाह द्वारा बनाई गई। इस अवसर पर मदकोटा मंडल के 05 गांव-मदकोटा, गरबड़ा, आमलिया मूंदपुरा, पिपलिया हमीर के सभी स्वयंसेवकों ने भाग लिया। जानकारी मदकोटा मंडल कार्यवाह कृष्णपालसिंह तंवर द्वारा दी गई।








