छत्तीसगढ़ में 1 अक्टूबर से बंद रहेंगी सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकान
30 Sep 2025
Reporter-- Ravishankar
छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था संभालने वाले शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वर्षों से लंबित मांगों और कमीशन में बढ़ोतरी को लेकर वे अब आंदोलन के रास्ते पर उतर आए हैं। एक अक्टूबर से पूरे प्रदेश की राशन दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगी और पाँच अक्टूबर को चारामा से रायपुर तक 125 किलोमीटर की पदयात्रा कर मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर छह सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध जताया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक / विक्रेता कल्याण संघ का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार की महत्वाकांक्षी पीडीएस योजना को निष्ठा से संचालित करते आ रहे हैं। लेकिन वर्षों से कमीशन की दरें बढ़ाने, मासिक मानदेय तय करने और वितरण में लगने वाले खर्चों की भरपाई जैसे मुद्दों को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई। विक्रेताओं की प्रमुख मांग है कि खाद्यान्न पर कमीशन को 90 और 30 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर सीधे 300 रुपये किया जाए, और सेवा सहकारी समिति के विक्रेताओं को 30,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। संगठन ने आरोप लगाया है कि राशन वितरण में वजन की कमी (हैंडिंग लॉस), वेंडिंग मशीन की स्टैंपिंग फीस, ई-पॉस मशीन के संचालन, और वित्तीय प्रोत्साहन राशि जैसी कई व्यावहारिक समस्याएं हैं, जिन पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। खास बात यह है कि 2022 से बढ़ा हुआ NFSA कमीशन भी अब तक विक्रेताओं को नहीं मिला है। इन्हीं छह सूत्रीय मांगों को लेकर विक्रेता अब चरणबद्ध आंदोलन के तहत पहले दुकानें बंद करेंगे और फिर पदयात्रा कर रायपुर पहुंचकर सरकार से सीधे संवाद करेंगे, इन्ही सब मांगो को संगठन के पदाधिकारी और सदस्यों ने अपनी मांगो को लेकर और होने वाले पदयात्रा की जानकारी देने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौपे है।








