सेवा पखवाड़ा अभियान का ग्राम पंचायत पलासी में कोई असर नहीं, पंचायत बंद और परिसर में कचरे के ढेर
22 Sep 2025

सेवा पखवाड़ा अभियान का ग्राम पंचायत पलासी में कोई असर नहीं, पंचायत बंद और परिसर में कचरे के ढेर
देवास। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से पूरे देशभर में सेवा पखवाड़ा अभियान चलाया जा रहा है। देवास जिले के विभिन्न हिस्सों में इस अभियान के तहत स्वच्छता, नशा मुक्ति संदेश लेखन, स्वास्थ्य शिविर, जनजागरूकता रैली जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। नगर और गाँवों के मुख्य मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान जोर-शोर से चल रहा है। लेकिन खातेगांव तहसील के हरणगाँव ब्लॉक की ग्राम पंचायत पलासी में इस अभियान का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। यहाँ न तो स्वच्छता अभियान की शुरुआत हुई है और न ही नशा मुक्ति से जुड़े किसी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंचायत परिसर और उसके आसपास कचरे के ढेर पड़े हुए हैं, जिससे गाँव की साफ-सफाई की वास्तविकता सामने आ रही है। जनपद सदस्य प्रतिनिधि त्रिलोक उईके:- का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन से शुरू हुए इस अभियान को 6–7 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पलासी पंचायत में सरपंच, सचिव और पंचायत कर्मियों ने इसकी कोई शुरुआत तक नहीं की। ग्रामीणों को भी अब तक इस अभियान की जानकारी या लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत पलासी महीने में केवल 3 से 4 दिन ही खुलती है। बाकी समय अधिकारी और कर्मचारी अपने घर पर ही आराम करते रहते हैं। इससे ग्रामीणों के कार्य लंबित पड़े रहते हैं। पंचायत भवन के सामने भी गंदगी और कचरे के ढेर रहते हैं, जिससे साफ-सफाई और सेवा पखवाड़ा अभियान की हकीकत उजागर हो रही है।
सेवा पखवाड़ा अभियान का ग्राम पंचायत पलासी में कोई असर नहीं, पंचायत बंद और परिसर में कचरे के ढेर
ग्रामीणों का कहना है कि जब जिले के अन्य गाँव और नगरों में अभियान सक्रिय रूप से चल रहा है, तब पलासी में जिम्मेदारों की उदासीनता समझ से परे है। लोगों को उम्मीद थी कि इस अभियान से गाँव की साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार होगा और नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता फैलेगी। लेकिन अब तक यहाँ कोई गतिविधि नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा है। सेवा पखवाड़ा का उद्देश्य जनता को स्वच्छता, स्वास्थ्य और नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना है। यदि पंचायत स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी ही गंभीरता नहीं दिखाते, तो ऐसे अभियान का वास्तविक लाभ आमजन तक नहीं पहुँच पाएगा। पलासी पंचायत की स्थिति इस बात का उदाहरण है कि अभियान केवल कागजों और घोषणाओं तक सीमित न रह जाए, इसके लिए जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।
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