इस नवरात्रि गरबा नहीं, छत्तीसगढ़ी संस्कृति ही हमारी पहचान-छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना
21 Sep 2025

इस नवरात्रि गरबा नहीं, छत्तीसगढ़ी संस्कृति ही हमारी पहचान-छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (छक्रासे) ने धरसाँवा खंड ग्रामीणों में गरबा आयोजन के विरोध में थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। क्रांति सेना ने कहा कि नवरात्र का पर्व छत्तीसगढ़ की अपनी विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें सुवा नृत्य, कर्मा नृत्य, पंथी, ददरिया, राउत नाचा, सेवा गीत और माता के चरित्रण झाँकी जैसी परंपराएं सदियों से चली आ रही है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि गरबा गुजरात की संस्कृति है, जिसे छत्तीसगढ़ में थोपने की कोशिश की जा रही है। कई बार गरबा कार्यक्रमों में फिल्मी गानों का इस्तेमाल और अशोभनीय वस्त्रों में अंग प्रदर्शन किया जाता है, जो नवरात्र जैसे पावन पर्व की गरिमा के विपरीत है और आने वाली पीढ़ी पर गलत प्रभाव पड़ता है। इससे माता का अपमान बताते हुए क्रांति सेना ने स्पष्ट किया कि वे किसी की संस्कृति का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि संस्कृति के नाम पर फैल रही अश्लीलता और दिखावे का विरोध कर रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे- छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना । तमाम सेनानी और पदाधिकारी रहे सभी ने एकजुट होकर कहा कि आने वाले समय में यदि ऐसे आयोजनों पर रोक नहीं लगाये जाने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे – ???? छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना जिला उपाध्यक्ष लोकेश सतनामी ???? जिला मीडिया प्रभारी (जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी) सुमित ध्रुव ???? CKS खड़ अध्यक्ष राकेश सेन ???? JCP खड़ अध्यक्ष आशकरण साहू ???? उपाध्यक्ष मनोज वर्मा ???? IT प्रभारी पाइयश सोनवानी ???? रवि कुमार ???? भास्कर ???? होरी धीवर ???? हिम्मत बघेल ???? कोमल निर्मलकार ???? मिश्रीलाल निषाद ???? जीतेश ???? नविन गुप्ता ???? अजय वर्मा