प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी ने पटेलनगर रामलीला मंचन शुभारंभ समारोह में लिया भाग, धर्म और संस्कृति से युवाओं कोा जोड़ने का दिया संदेश
21 Sep 2025
Reporter--Shantanu
रामलीला हमारी संस्कृति को जीवित रखने का महत्वपूर्ण मंचः मनीष चौधरी
प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी ने पटेलनगर रामलीला मंचन शुभारंभ समारोह में लिया भाग, धर्म और संस्कृति से युवाओं कोा जोड़ने का दिया संदेश
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी ने शनिवार को श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति पटेलनगर के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित रामलीला मंचन शुभारंभ समारोह में बतौर अतिथि भाग लिया और युवाओं को अपने धर्म और संस्कृति से जुड़कर राष्ट्र के प्रति योगदान के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल, प्रमुख उद्यमी सौरभ स्वरूप उर्फ बंटी व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अविता स्वरूप मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मीना ऐरन के साथ पूजा अर्चना की।
कार्यक्रम संयोजक विकल्प जैन के साथ समाजसेवी मनीष चौधरी द्वारा समारोह में मंच पर भगवान श्री गणेश एवं रामायण जी की आरती की गई और माला अर्पित कर भोग लगाया गया। इसके बाद रामलीला मंचन की शुरुआत की गई। समाजसेवी मनीष चौधरी ने इस अवसर पर युवाओं से अपील करते हुए कहा कि रामलीला केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह हमें अपने धर्म, नैतिकता और संस्कारों की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करती है। खासकर युवाओं को यह समझने की जरूरत है कि हमारे संस्कार हमें आज भी प्रगति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती चुनौतियों और असमंजस के बीच यह रामलीला हमें एकता, भाईचारे और सत्य की शक्ति का अहसास कराती है। युवाओं को इस मंच से जोड़ने की आवश्यकता है ताकि वे अपने अस्तित्व को जान सकें और भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर से जुड़ सकें। इस अवसर पर मुख्य रूप से रामलीला कमेटी के मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन, अध्यक्ष गोपाल चौधरी, कार्यक्रम संयोजक विकल्प जैन, महामंत्री सुरेंद्र मंगल, मंत्री जितेंद्र कुच्छल, उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, मनीष कपूर सहित नगर के कई प्रमुख नागरिक और श्रीराम भक्त भी मौजूद थे।








