कोरबा: अज्ञात व्यक्ति के शव को पुत्र का शव समझकर परिजन कर रहे थे अंतिम संस्कार की तैयारी, तभी जिंदा लौट आया ‘मृतक’,
09 Sep 2025

कोरबा: अज्ञात व्यक्ति के शव को पुत्र का शव समझकर  परिजन कर रहे थे अंतिम संस्कार की तैयारी, तभी जिंदा लौट आया ‘मृतक’,
जिले के कुसमुंडा थाना क्षेत्र में एक ऐसा अजीबो-गरीब मामला सामने आया, जिसने पुलिस के साथ-साथ ग्रामीणों को भी हैरान कर दिया। दरअसल, बांकीमोगरा पुलिस ने नदी से एक अज्ञात युवक का शव बरामद किया। शव पानी में लंबे समय तक डूबे रहने से फूल चुका था और उसका चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। केवल मृतक के हाथ पर बना “आर” अक्षर का टैटू ही पहचान का आधार बन सका। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने आसपास के गांवों में पूछताछ शुरू की। सूचना पाकर विश्रामपुर निवासी हरिओम वैष्णव (27 वर्ष), पिता हमेश्वर वैष्णव के परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने टैटू और शक के आधार पर शव को हरिओम का मान लिया। परिजनों ने पुलिस से शव को अपने कब्जे में ले लिया और घर लाकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। रिश्तेदारों को सूचना भेज दी गई, घर में मातम का माहौल बन गया और रोना-धोना शुरू हो गया। लेकिन इसी बीच नाटकीय मोड़ आया। हरिओम वैष्णव खुद अचानक पैदल घर लौट आया। उसे देखते ही परिजन और आसपास के लोग घबरा गए। किसी ने उसे “भूत-भूत” कहकर पुकारा और डर के मारे भागने लगा। माहौल कुछ देर तक अफरातफरी भरा रहा। बाद में जब हरिओम ने सबको समझाया कि वह सुरक्षित और जिंदा है, तब जाकर मामला साफ हो सका। अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि नदी से मिला शव आखिर किसका है। कुसमुंडा पुलिस ने शव को वापस बांकीमोगरा पुलिस को सौंप दिया है। शव को फिलहाल मर्चुरी में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है और मृतक की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है। एक ओर जहां परिवारजन अपने बेटे को मृत मानकर गमगीन हो गए थे, वहीं अचानक उसे जिंदा देखकर उनके चेहरे खिल उठे। दूसरी ओर रहस्यमयी ढंग से मिले शव ने पुलिस की जांच को और जटिल बना दिया है।