पीलीभीत से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। डॉक्टरों ने विनीता शुक्ला को ब्रेन डेड घोषित कर दिया था और पति उन्हें घर ले जा रहे थे। रास्ते में गाड़ी गहरे गड्ढे से टकराई और जोरदार झटका लगा। चौंकाने वाली बात यह रही कि उसी झटके के बाद विनीता की सांसें फिर चलने लगीं, जिसे परिजन चमत्कार मान रहे हैं।
पीलीभीतः कहते हैं, जब तक सांस है तब तक आस है। दुर्घटना भी कभी-कभी जीवन दे जाती है। कुछ ऐसा ही मामला पीलीभीत से सामने आया है। बरेली-हरिद्वार एनएच-74 पर एक गड्डा 50 साल की महिला के लिए वरदान साबित हुआ। इस गड्ढे ने महिला को सचमुच जिंदा कर दिया। दरअसल, महिला में क्लिनिकली जिंदगी का कोई निशान नहीं था। डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए थे। अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिजन निराश होकर महिला को लेकर घर के लिए निकले। लेकिन, रास्ते हुए हादसे ने चमत्कार कर दिया। अब इस मामले की चर्चा हो रही है।
दरअसल, डॉक्टरों ने पीलीभीत जिले की निवासी विनीता शुक्ला को 'ब्रेन-डेड' घोषित कर दिया था। बरेली के एक हॉस्पिटल से उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। डॉक्टरों ने कहा कि महिला की अब बचने की कोई उम्मीद नहीं है। डिस्चार्ज किए जाने के बाद 24 फरवरी को उनके पति कुलदीप कुमार शुक्ला एम्बुलेंस से उन्हें लेकर घर को निकले। वे काफी दुखी थे। रास्ते में एनएच के गड्डों वाले हिस्से से उनकी एंबुलेंस टकराया गई। एंबुलेंस को अचानक जोर का झटका लगा। इस जोरदार झटके ने वह कर दिया, जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता महिला के अचानक सांसे लौट आयी #पीलीभीत #उत्तरप्रदेश








