महात्मा गांधी जयंती पर विश्वभर में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस
02 Oct 2025

महात्मा गांधी जयंती पर विश्वभर में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस
महात्मा गांधी जयंती पर विश्वभर में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस सत्य और अहिंसा के पुजारी को दी गई श्रद्धांजलि कोढ़ा, कटिहार – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर पूरे देश सहित विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने गांधी जी के जन्मदिवस 2 अक्तूबर को अहिंसा दिवस घोषित किया है, ताकि पूरी दुनिया को शांति और भाईचारे का संदेश मिल सके। इस अवसर पर लोगों ने गांधी जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया, शपथ ली और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। --- रफीक अंसारी ने क्षेत्रवासियों को दी शुभकामनाएं कोढ़ा मंडल कार्यसमिति सदस्य (कोड 69) एवं एससी मुख्यालय कोढ़ा, कटिहार के भाजपा नेता मोहम्मद रफीक अंसारी ने महात्मा गांधी को नमन करते हुए कहा कि – “गांधी जी ने हमें सिखाया कि अहिंसा और सत्य ही मानवता के सबसे बड़े हथियार हैं। आज के समय में बढ़ती हिंसा और तनाव को दूर करने का एकमात्र उपाय गांधी जी की विचारधारा है। हमें उनके पदचिन्हों पर चलकर समाज में शांति और भाईचारा स्थापित करना चाहिए।” उन्होंने लोगों से अपील की कि इस विशेष दिन पर गांधी जी के विचारों को अपने जीवन में उतारें और उन्हें केवल भाषणों तक सीमित न रखें। --- समाज में गांधीवादी विचारों की प्रासंगिकता गांधी जी ने अपने जीवनभर अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ अहिंसा और सत्याग्रह के जरिए संघर्ष किया। उनका यह आंदोलन विश्व के कई देशों के लिए प्रेरणा बना। आज भी उनके विचार उतने ही जरूरी हैं जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। गांधी जी ने कहा था – “अहिंसा मानवता का सबसे बड़ा धर्म है।” यही संदेश आज की पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है। विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों ने गांधी जी के जीवन पर भाषण, प्रभात फेरी और स्वच्छता अभियान चलाकर यह संदेश दिया कि बापू का आदर्श केवल इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए मार्गदर्शक है। --- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांधी का संदेश महात्मा गांधी का जीवन केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बना। अफ्रीका से लेकर यूरोप और अमेरिका तक, उनके विचारों ने कई आंदोलनों को दिशा दी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित करना इस बात का प्रतीक है कि गांधी जी के सिद्धांत सार्वभौमिक हैं और समय के साथ और भी प्रासंगिक हो जाते हैं।