महर्षि वशिष्ठ स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक अस्पताल कैली में कड़ाके की ठंड के बावजूद मरीजों के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ओपीडी और वार्डों में भर्ती मरीज तथा उनके परिजन शीतलहर से ठिठुरने को मजबूर हैं।
अस्पताल के वार्डों में हीटर और गीजर की व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि इस संबंध में शासन के निर्देश पहले ही जारी हो चुके हैं। पुराने भवन के मेडिसिन, जनरल सर्जरी, डायलिसिस और आर्थोपेडिक्स वार्डों की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। इन पर केवल पर्दे लगाकर काम चलाया जा रहा है, जिससे ठंडी हवा सीधे वार्डों में प्रवेश कर रही है।
मरीजों के लिए हीटर की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि स्टाफ नर्स की टेबल के पास हीटर लगे देखे गए। एक स्टाफ नर्स ने बताया कि वार्ड में हीटर लगाने की कोई सुविधा नहीं है। शुक्रवार को वार्ड में भर्ती मरीज केवल एक कंबल के सहारे ठंड से बचने की असफल कोशिश करते दिखे।कैली अस्पताल में चौबीसों घंटे मरीज और उनके परिजन आते रहते हैं। इतनी भीषण ठंड के बावजूद, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने परिसर में कहीं भी अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को ठंड से राहत मिल सके।
अस्पताल परिसर में ठंड से बचाव के इंतजामों के बारे में मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. अनिल यादव से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि रोगियों को कंबल दिए गए हैं, और उनके साथ आने वाले लोगों के लिए भी व्यवस्था बनाई जा रही है। कुछ व्यवस्थाएं की भी जा चुकी हैं।








