धोखे के रिश्तों पर अब कानून का वार, BNS धारा 318(3) ने लड़कों को दिलाया इंसाफ का हथियार
03 Oct 2025

धोखे के रिश्तों पर अब कानून का वार, BNS धारा 318(3) ने लड़कों को दिलाया इंसाफ का हथियार
नई दिल्ली। समाज में अक्सर यह शिकायत उठती रही है कि प्यार में धोखा खाने वाले लड़कों की आवाज़ कहीं सुनी ही नहीं जाती। कानून अब तक ज्यादातर महिलाओं की सुरक्षा तक ही सीमित माना जाता था और युवकों की पीड़ा अनदेखी रह जाती थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(3) ने इतिहास रचते हुए लड़कों को भी न्याय का अधिकार सौंप दिया है। इस धारा के तहत अगर कोई लड़की या गर्लफ्रेंड किसी युवक को झूठे वादों, शादी का झांसा या किसी अन्य छल-कपट से प्रेम संबंध में फंसाकर धोखा देती है, तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा और दोषी पाए जाने पर उसे जेल की सजा भुगतनी होगी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव केवल एक धारा नहीं बल्कि समानता की ओर बढ़ाया गया बड़ा कदम है। अब धोखा देने का अपराध केवल भावनात्मक चोट नहीं माना जाएगा, बल्कि इसे कानूनी अपराध की श्रेणी में गिना जाएगा। सोशल मीडिया पर इस प्रावधान को लेकर जबरदस्त हलचल मची हुई है। युवाओं का कहना है कि आखिरकार उन्हें भी न्याय का हथियार मिल गया है। कॉलेज कैंपस से लेकर फेसबुक और इंस्टाग्राम तक, यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर इसे युवकों की जीत बताया जा रहा है तो दूसरी ओर कुछ लोग इस कानून को रिश्तों में डर का माहौल पैदा करने वाला करार दे रहे हैं। बावजूद इसके, सच्चाई यही है कि अब प्यार के नाम पर छल करने वाले किसी भी शख्स को, चाहे वह लड़की हो या लड़का, कानून के शिकंजे से बच निकलना आसान नहीं होगा। समाज के लिए यह संदेश बेहद स्पष्ट है—रिश्ते अब केवल भावनाओं का खेल नहीं रहेंगे, बल्कि जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ निभाए जाएंगे। BNS की धारा 318(3) उन अनगिनत युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है जो अब तक चुपचाप धोखा खाकर रह जाते थे। यह कानून दिलों की आवाज़ है और इसका असर आने वाले समय में रिश्तों और समाज दोनों पर गहरा होगा। ---