जिला बदर होने के बाद भी शहर में सक्रिय था ' कैफे कांड' का मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर,
24 Feb 2026

जिला बदर होने के बाद भी शहर में सक्रिय था '

City News24 बरेली: जिला बदर होने के बाद भी शहर में सक्रिय था 'कैफे कांड' का मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर, बारादरी पुलिस ने किया गिरफ्तार

बरेली | खुद को शहर का 'खौफ' बताने वाले शातिर अपराधी ऋषभ ठाकुर की दबंगई को बरेली पुलिस ने आखिरकार खत्म कर दिया है। प्रशासन द्वारा 6 महीने के लिए जिला बदर (Externment) किए जाने के बावजूद ऋषभ शहर में छिपकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। बारादरी पुलिस ने बीडीए की नवनिर्मित कॉलोनी में दबिश देकर उसे धर दबोचा।

क्या है पूरा मामला?

28 दिसंबर को राजेंद्रनगर स्थित एक कैफे में छात्रों के साथ मारपीट की घटना के बाद ऋषभ ठाकुर सुर्खियों में आया था। इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। प्रशासन ने उसे 4 फरवरी 2026 को बरेली की सीमा से बाहर कर बदायूं सीमा में छोड़ दिया था।

जिला बदर के दौरान भी मांग रहा था रंगदारी

जिला बदर होने के बावजूद वह अवैध रूप से शहर में दाखिल हुआ। हाल ही में पीलीभीत रोड स्थित एक स्पा सेंटर संचालिका से 40,000 रुपये की रंगदारी मांगने का उसका एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ऑडियो में वह कथित तौर पर खुद को 'कैफे कांड' का मास्टरमाइंड बताकर धमका रहा था कि उसकी मर्जी के बिना शहर में कोई ऑफिस नहीं खुलेगा।

पुलिस की कार्रवाई

बारादरी पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी बीडीए की नई कॉलोनी में छिपा हुआ है। पुलिस की टीम ने तत्काल दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर हवालात भेज दिया। पुलिस अब इस मामले में उसके अन्य गुर्गों की भी तलाश कर रही है।

मुख्य आरोपी का अपराधिक रिकॉर्ड:

दिसंबर 2025: राजेंद्रनगर कैफे में छात्रों के साथ मारपीट और तोड़फोड़।

फरवरी 2026: जिला बदर का आदेश और बदायूं सीमा में निष्कासन।

फरवरी 2026 (हालिया): स्पा सेंटर संचालिका से रंगदारी मांगने और धमकाने का मामला।