एटा जिले के अलीगंज विधानसभा क्षेत्र स्थित राई गांव में खाटू श्याम ईंट उद्योग पर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। पर्यावरण विभाग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जलते हुए ईंट भट्ठे की आग को फायर ब्रिगेड की मदद से बुझवा दिया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
बताया जा रहा है कि यह ईंट भट्ठा समाजवादी पार्टी के नेता मुकेश यादव उर्फ मुक्का का है, जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। विभागीय कार्रवाई से भट्ठा संचालक को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
अलीगढ़ रेंज की पर्यावरण एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। अग्निशमन विभाग की टीम ने जलते भट्ठे की आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
दो दिन पहले बुलडोजर और मिक्सर हुआ था सीज
इससे पहले बीते शुक्रवार को खनन विभाग ने इसी ईंट उद्योग पर कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी मशीन और मिट्टी मिलाने वाला मिक्सर जब्त कर अलीगंज कोतवाली में सीज कर दिया था। इसके बाद से भट्ठा संचालक की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
एनओसी और रॉयल्टी न होने का आरोप
प्रशासन के अनुसार, मंडलायुक्त को मिली शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि भट्ठा संचालक ने न तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक एनओसी ली थी और न ही खनन विभाग की रॉयल्टी जमा की थी।
पर्यावरण विभाग की एनओसी जुलाई 2025 में समाप्त हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी भट्ठे का संचालन जारी रखा गया।
पर्यावरण विभाग का बयान
पर्यावरण विभाग के अवर अभियंता अभिषेक सिंह ने बताया कि मंडलायुक्त को प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच की गई। जांच में पाया गया कि ईंट भट्ठा बिना वैध एनओसी के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। इसी कारण जलते हुए भट्ठे की आग को बुझवाकर संचालन बंद कराया गया है।
राजनीतिक कारणों की भी चर्चा
हालांकि, स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि सपा नेता मुकेश यादव की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के चलते यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमों और शिकायत के आधार पर की गई है।








