उत्तर प्रदेश में तूफान मोचा का असर दिखने लगा है।
30 Oct 2025

उत्तर प्रदेश में तूफान मोचा का  असर दिखने लगा है।
उत्तर प्रदेश में तूफान मोचा का असर दिखने लगा है। अयोध्या, वाराणसी, कानपुर और झांसी सहित कई जिलों में सुबह से ही रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। इसके अलावा गोरखपुर, बाराबंकी, गोंडा, बलिया, भदोही, ललितपुर, आजमगढ़, चित्रकूट और सम्भल समेत लगभग 15 शहरों में हल्की से मध्यम बारिश जारी है। वाराणसी (काशी) में बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव हो गया है। बारिश के साथ ठंडी हवाएँ चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पूर्वांचल के अधिकांश जिलों में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। कृषि पर असर काशी और बाराबंकी में असमय बारिश से खेतों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल गिरने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। तेज हवाओं से कई खेतों में फसल झुक गई है। हालांकि, गेहूँ की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह मौसम फायदेमंद साबित हो रहा है। बारिश से मिट्टी में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे बिना सिंचाई के जुताई और बुआई आसान हो जाएगी। चना, मसूर, मटर और सरसों की बुआई के लिए भी यह मौसम अनुकूल बताया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी विभाग के अनुसार, तूफान का प्रभाव अगले 3 दिनों, यानी 1 नवंबर तक बना रहेगा। आज और कल पूर्वांचल के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। बारिश के कारण स्कूल जा रहे बच्चे रेनकोट और छाता लेकर निकलते दिखे, वहीं ऑफिस जाने वाले लोग भी परेशान नजर आए।तूफान ‘मोचा’ का प्रभाव: यूपी में तेज बारिश, कई जिलों में अलर्ट उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘मोचा’ का असर दिखना शुरू हो गया है। लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, कानपुर और झांसी समेत कई शहरों में सुबह से ही रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। जबकि गोरखपुर, बाराबंकी, गोंडा, बलिया, भदोही, ललितपुर, आजमगढ़, चित्रकूट और सम्भल सहित लगभग 15 जिलों में रिमझिम से मध्यम बारिश का दौर जारी है। वाराणसी (काशी) में लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। इसके साथ ही ठंडी हवाएँ चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पूर्वांचल के कई जिलों में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने 31 जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। फसलों पर प्रभाव काशी और बाराबंकी में हुई तेज बारिश से धान की कटाई किए जा रहे खेतों को नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। तेज हवा के कारण कटने को तैयार फसलें गिर गईं, जिससे किसानों में चिंता बढ़ी है। हालांकि, गेहूं, चना, मसूर, मटर और सरसों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह मौसम लाभदायक है। बारिश से मिट्टी में नमी आ चुकी है, जिससे खेतों की जुताई और बुआई बिना अतिरिक्त सिंचाई के आसानी से हो सकेगी आम जनजीवन प्रभावित सुबह की बारिश के चलते स्कूल जाने वाले बच्चों को रेनकोट और छाते के सहारे निकलना पड़ा। ऑफिस जाने वालों को भी पानी और जाम की दिक्कत का सामना करना पड़ा। सड़क पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना दाब तेज होकर चक्रवाती तूफान ‘मोचा’ में बदल चुका है। यह तूफान बुधवार को ओडिशा पहुंच गया था। इसका असर अब उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। तूफान का प्रभाव 1 नवंबर तक रह सकता है।”